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    Telangana Weather: तेलंगाना के कामारेड्डी और मेडक प्राकृतिक आपदा से बेहाल, मचा हाहाकार, 50 सालों का टूटा रिकॉर्ड

    Telangana Weather

    Telangana flood 2025: हैदराबाद। तेलंगाना के कामारेड्डी और मेडक जिलों में 26-27 अगस्त को हुई मूसलाधार वर्षा ने पिछले पाँच दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस भारी वर्षा से दोनों जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कामारेड्डी के राजमपेट मंडल स्थित अरगोंडा स्टेशन पर 44 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि 23 अन्य स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई। इनमें कामारेड्डी के 10, मेडक के 6, निर्मल के 4 तथा निजामाबाद व सिद्दीपेट के कुछ स्थान शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह पिछले पचास वर्षों में सबसे तीव्र वर्षा है। Telangana Weather

    कामारेड्डी जिले के छह मंडल—कामारेड्डी, बीबीपेट, राजमपेट, निजामसागर, येल्लारेड्डी और मचारेड्डी—भारी रूप से प्रभावित हुए हैं। वहीं मेडक जिले में हवेली घनपुर, पपन्नापेट, रामायमपेट, शंकरमपेट (ए) और निजामपेट मंडलों में सबसे अधिक तबाही देखी गई। तेज बारिश और बाढ़ के कारण सड़कें, रेलमार्ग और कई गाँव जलमग्न हो गए। कामारेड्डी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जीआर कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी और सरमपल्ली क्षेत्रों में पानी भर गया। पेड्डा चेरुवु झील और पोचारम जलाशय के उफान ने आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ा दिया है।

    बचाव कार्यों में 15 एसडीआरएफ और 5 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही, हैदराबाद की टीएएसए इकाई के 100 जवान मेडक जिले में राहत कार्यों में जुटे हैं। अब तक 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। बोग्गू गुडिसे, गुंकल और नक्कावागु क्षेत्रों से कई लोगों को बचाया गया। रामायमपेट में 350 छात्राओं तथा 80 बालिका छात्रावास की छात्राओं को सुरक्षित निकाला गया। सरधना गाँव के लगभग 375 लोगों को पुनर्वास शिविरों में स्थानांतरित किया गया।

    तेज वर्षा के कारण हैदराबाद-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) धंस गया

    तेज वर्षा के कारण हैदराबाद-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) तीन स्थानों पर धंस गया, जिससे यातायात ठप हो गया। भिकनूर मंडल के रामेश्वरपल्ली क्षेत्र में रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। मेडक जिले में 47 सड़कों, 23 पुलियों और 15 पुलों पर पानी भर गया। 16 तालाब टूटने से गाँवों में अलर्ट जारी किया गया है।

    दुर्भाग्यवश इस आपदा में एक व्यक्ति की दीवार गिरने से मृत्यु हो गई, जबकि डोमकोंडा क्षेत्र में नीलकट्टा वागु में कार बहने से दो लोग लापता हो गए। राजपेट पुल पर गंडारी वागु के तेज बहाव में भी दो लोग बह गए। बाढ़ से कृषि भूमि और फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचा है, जिसका आकलन प्रशासन कर रहा है।

    मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर अधिकारियों को त्वरित राहत व पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने जानकारी दी कि कई स्थानों पर 30 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रभावित परिवारों को भोजन व आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कामारेड्डी, मेडक, सिद्दीपेट, निजामाबाद और निर्मल जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। Telangana Weather

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