कुमारी सैलजा ने सरकार के आगे रखी सरसा वासियों के ये बड़ी डिमांड!

Kumari Selja sachkahoon

सरसा-ऐलनाबाद-हनुमानगढ़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। सरसा-ऐलनाबाद-हनुमानगढ़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग (Sirsa-Ellenabad-Hanumangarh National Highway) के रूप में विकसित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस मार्ग के लिए फिजिबिलिटी स्टडी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने की मांग की है। Sirsa News

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मार्ग हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से क्षेत्र की कृषि, लॉजिस्टिक्स, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान में सड़क संकरी होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है, जिससे किसानों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

सरसा, ऐलनाबाद और हनुमानगढ़ क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि आधारित

सांसद ने उल्लेख किया कि सरसा, ऐलनाबाद और हनुमानगढ़ क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि आधारित हैं, जहां कपास, गेहूं, सरसों जैसी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। बेहतर सड़क सुविधा न होने से किसानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में अधिक समय और लागत लगती है। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से न केवल परिवहन सुगम होगा बल्कि कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सांसद ने यह भी बताया कि यह मार्ग प्रस्तावित बीकानेर-चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना से जुड़ सकता है, जिससे उत्तर भारत के औद्योगिक और सीमावर्ती क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।

कुमारी सैलजा ने शिक्षक भर्ती संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग की मौजूदा चयन प्रक्रिया राज्य की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। 35 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थी, जिनके पास पीएचडी, नेट और वर्षों का अनुभव है, चयन से बाहर हो रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान सरसा जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों को हो रहा है, जहां पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है। सांसद ने कहा कि आरक्षित वर्गों के पदों का खाली रहना संविधान की भावना के खिलाफ है। Sirsa News