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Sunday, April 12, 2026
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    आओ बच्चो स्कूल चलें

    Admission in Government School

    नन्हें दोस्तों ! किसी भी चीज की प्रारंभिक तैयारी यदि सही तरीके से और सावधानी पूर्वक कर ली जाए तो बाकी का काम बेहद आसान हो जाता है। एक नयी कक्षा की तैयारी भी आपको अभी से मजबूती के साथ करनी होगी ताकि पूरा साल आप पर पढ़ाई का दबाव न पड़े और आप आशानुसार अपना प्रदर्शन कर सकें। इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

    आज का होमवर्क आज ही करें

    अकसर छात्र शिक्षक द्वारा दिया गया होमवर्क करने में आलस करते हैं। वे स्कूल से घर आते ही अपना बैग पटककर बिना। यूनिफार्म बदले ही खेलने के लिए भाग जाते हैं। इस तरह होमवर्क धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और उन पर अनावश्यक दबाव आने लगता है। शिक्षक की डाँट खाने के साथ ही वे पढ़ाई में पिछड़ने लग जाते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए नयी कक्षा में प्रवेश के साथ ही यह नियम बनाने ले कि आज का काम आज ही करेंगे।

    नियमित करें अध्ययन

    अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण होने वाले छात्र वर्ष पर्यंत कड़ी मेहनत करते हैं। प्रत्येक छात्र को अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण होने का सपना साकार करने के लिए चाहिए कि वह नियमित अध्ययन करें। इसके लिए अपना उचित समयचक्र बना लें। ऐसा करके सिर्फ अच्छे नंबर ही हासिल नहीं होंगे बल्कि परीक्षा के समय बहुत राहत भी महसूस होगी।

    किताबों की केयर करें

    अकसर देखा जाता है कि कुछ छात्रों की आधा साल खत्म होते ही किताबें फटने लग जाती हैं। मुख्यपृष्ठ लापता हो जाता है। बाकी के पेज भी हवा में झुलने लग जाते हैं। ऐसा किताबों की केयर नहीं करने के कारण होता है। किताबों को अच्छे से प्लास्टिक या अखबार के कवर से सजा लें। और ऊपर संबंधित विषय की स्लिप या स्टीकर चिपका लें। पढ़ने के बाद किताब को सावधानी पूर्वक बैग में रख लें। ताकि पूरे साल किताब सुरक्षित और नयी रहें। और अगले साल वे किसी अन्य छात्र के काम आ सकें।

    सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर भी दें ध्यान

    कुछ छात्र केवल पढ़ाई पर ही अपना पूरा फोक्स लगाते हैं। वे खेल खेलने से परहेज करते हैं। स्कूल के किसी टूर्नामेंट में भाग नहीं लेते हैं। ऐसे छात्रों को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ ही खेल, लेखन, भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी जैसी स्कूल की सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लें। किसी भी प्रतिभा के सर्वांगीण विकास के लिए उसकी हर क्षेत्र में बराबर की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

    लक्ष्य बनाएं और जुट जाएं

    पुरानी कक्षा के परिणाम को भूल जाएं और नयी कक्षा में अपना सर्वोच्च प्रदर्शन देने के लिए एक नये लक्ष्य के साथ अभी से जुट जाएं। लक्ष्य के हिसाब से रोजाना पढ़ाई के घंटे निर्धारित करें। कमजोर विषयों पर अधिक जोर दें। पढ़ाई के दौरान आने वाली किसी भी समस्या के निवारण के लिए शिक्षकों की सलाह लेने से कतराये नहीं। अभिभावकों से अपनी स्कूल की बातें साझा करते रहें।

    – देवेन्द्रराज