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    फीचर्स

    मोह

    पिताजी अब नहीं रहे। बस, अस्सी साल की बूढ़ी माँ है। उसे यह घर छोड़ना होगा। हफ्ते भर से बेटा आया हुआ है। माँ को ले जाने से पहले उसे सारा सामान ठिकाने लगाना है, लेकिन कैसे लगाए? जिस अलमारी को खेलों, वहीं पर सामान मुंबई की लोकल ट्रेन की तरह ठुंसा पड़ा है। ब...
    Kids-Corner

    बच्चों का पढ़ाई में मन लगाने के आसान उपाय

    यूं तो बच्चों का मन पढ़ाई में न लगना सामान्य है, लेकिन अगर यह समस्या अत्यधिक हो, तो माता-पिता के लिए चिंता का कारण भी बन जाता है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर माता-पिता का चिंतित होना गलत भी नहीं है, क्योंकि हर पेरेंट्स अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य चाहते ह...
    Regret Story, School Fees

    पछतावे का पुरस्कार

    कक्षा में उत्साह और डर का माहौल था। गणित के अध्यापक को परीक्षा लेनी थी। अध्यापक ने सवालों के सही हल करने वाले को पुरस्कार की घोषणा कर दी थी। सवाल थोड़े कठिन थे। इसलिए पुरस्कार को लेकर तो विद्यार्थियों में उत्साह था, लेकिन सवाल हल नहीं हो पाने के कारण ...
    Story: Gardener of the Garden

    कहानी : बाग का माली

    लेखक: आंनद बिल्थरे वैभव ने, बी.एस.सी. की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास कर ली थी। वह आगे पढ़ना चाहता था, किंतु वीनू से घर की स्थिति और केशव का टूटता स्वास्थ्य छिपा नहीं था। वीनू, चाहती थी कि वैभव, अब कहीं भी छोटी-मोटी नौकरी कर केशव का हाथ बंटाए। वीनू की...
    Childern

    बच्चे समाज के भविष्य का दर्पण

    बच्चे किसी भी देश व समाज के भविष्य का दर्पण होते हैं। आजकल के आधुनिक युग में बच्चों के स्वभाव में उग्रता में वृद्धि, छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ापन, उतावलापन, अनावश्यक बहस करना एवं अपने भाई, बहन व दोस्तों से झगड़ना आदि आदतें देखने को मिल रही हैं। बच्चे...
    Educational Story

    संगत का असर

    एक बार एक बौद्ध भिक्षु भिक्षा लेने एक नगर में गया हुआ था। और सारे नगर के लोग उसकी सेवा करना चाहते थे क्योंकि उस समय बौद्ध भिक्षुओं का बहुत सम्मान था। इसलिये जिसे भी पता चला दौड़ा-दौड़ा उस भिक्षु के पास पहुँचा। उन्हीं में से एक वेश्या भी थी जिसने उस भिक...

    अकबर इलाहाबादी शायरी

    बस जान गया मैं तिरी पहचान यही है तू दिल में तो आता है समझ में नहीं आता ख़ुदा से माँग जो कुछ माँगना है ऐ 'अकबर' यही वो दर है कि ज़िल्लत नहीं सवाल के बाद जब मैं कहता हूँ कि या अल्लाह मेरा हाल देख हुक्म होता है कि अपना नामा-ए-आमाल देख अकबर इ...

    बचपन

    मैं बचपन को बुला रही थी बोल उठी बिटिया मेरी, नंदन-वन सी फल उठी वह छोटी-सी कुटिया मेरी। ‘माँ ओ’ कहकर बुला रही थी मिट्टी खाकर आई थी, कुछ मुँह में, कुछ लिए हाथ में मुझे खिलाने लाई थी। मैंने पूछा-यह क्या लाई? बोल उठी वह-‘माँ काओ’, फूल-फूल मैं उ...
    Success

    अपनी बात कहना भी एक कला है

    हमारे जीवन में बात करने या अपने पक्ष को प्रस्तुत करने के ढंग का बड़ा महत्त्व है, या यों कह लीजिये कि मनुष्य में वाक्य कौशलता एक सिद्धि है। जो मनुष्य बात करने की कला और महत्त्व को अच्छी तरह जानते-समझते हैं, वे अपनी बोलचाल की भाषा में उचित, सरल, नम्र और...
    Birbal

    बीरबल की बुद्धिमत्ता

    महान मुगल सम्राट अकबर के दरबार में बीरबल उनके नौ रत्नों में से एक थे। वे अपनी हाजिर जवाबी के लिये प्रसिद्ध थे। बातों-बातों में वे अपनी तीव्र बुद्धि और सूझबूझ से समस्या का समाधान कर देते थे। बादशाह को बीरबल की बुद्धिमता पर गर्व था। अकबर बादशाह हास्य व...

    कविता : राष्ट्र जीवंत

    राष्ट्र जीवंत रहे दिल में अरमान है सब सुरक्षित रहें दिल में अरमान है देश ही के लिए हों सब अच्छे कर्म यह हर एक देशवासी की पहचान है। तुम ग़रीबी मिटाओगे यह वादा करो मुफ़लिसी को हराओगे वादा करो एकता तुम दिखाओगे यह वादा करो हर बुराई तुम मिटाओगे यह ...
    studies

    Studies : पढ़ाई

    मार्कशीट और सर्टिफिकेट को फैलाए उसके ढेर के बीच बैठी कुमुद पुरानी बातों को याद करते हुए विचारों में खोई थी। सारी पढ़ाई, मेहनत और खर्च उस दिन उसे व्यर्थ लग रहा था। पागलों की तरह पहला नंबर लाने के लिए रात-दिन मेहनत करती, पहले नंबर की बधाई के साथ मिलने व...
    Truth of Diamond

    काम की कीमत

    यह कहानी एक राजा की है, जिनका नाम था राणा उदय सिंह। राजा अपनी प्रजा से बहुत प्यार करते थे और वह उनका ख्याल भी रखते थे। वह अपने गांव के लोगों के बारे में जानने के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे। एक दिन राजा अपने कुछ दरबारियों को बुलाकर उनसे कहते हैं ‘जाओ और...
    naach na jaane aangan tedha - Sach Kahoon

    बाल कहानी: नाच न जाने आंगन टेढ़ा |

    प्राँजली की आदत थी कि वह छोटी से छोटी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बोलती थी। क्लास में कोई भी ऐसा बच्चा नहीं था, जिसका वह मज़ाक नहीं उड़ाती थी। कई बार तो उसके दोस्त नाराज हो जाते थे और कई बार हँसकर टाल देते थे। पर ज्यादा समय तक कोई भी उससे गुस्सा रह भी नहीं प...
    Fruit-of-Honesty

    प्रेरक प्रसंग: ईमानदारी का फल

    बहुत पहले की बात है एक राजा सुबह सुबह सैर करने के लिये महल से अकेला ही निकला। रास्ते में उसने देखा, एक किसान पसीने में तर-ब-तर अपने खेत में काम कर रहा है। राजा ने उसके पास जाकर पूछा, 'भाई आप इतनी मेहनत करते हो, दिन में कितना कमा लेते हो ?' किसान ने उ...
    Children-Story

    जब राजू सन्नाटे की कब्र फाड़ कर निकला बाहर…

    एक प्राथमिक स्कूल में अंजलि नाम की एक शिक्षिका थीं। वह कक्षा 5 की क्लास टीचर थी, उसकी एक आदत थी कि वह कक्षा में आते ही हमेशा ‘आई लव यू आॅल’ बोला करतीं थी। मगर वह जानती थीं कि वह सच नहीं बोल रही। वह कक्षा के सभी बच्चों से एक जैसा प्यार नहीं करती थीं। ...
    Akbar-and-Birbal

    सोने का खेत : अकबर और बीरबल की कहानी

    अकबर के महल में कई कीमती सजावट की वस्तुएं थीं, लेकिन एक गुलदस्ते से अकबर को खास लगाव था। इस गुलदस्ते को अकबर हमेशा अपनी पलंग के पास रखवाते थे। एक दिन अचानक महाराज अकबर का कमरा साफ करते हुए उनके सेवक से वह गुलदस्ता टूट गया। सेवक ने घबराकर उस गुलदस्ते ...
    Grandfather-Gift

    नानाजी का उपहार

    सुबह की गाड़ी से जौनी के नानाजी आने वाले थे। जौनी अपने पापा के साथ नानाजी को लेने स्टेशन गया। गाड़ी ठीक समय पर आ पहुंची। जौनी और उस के पापा, नानाजी को ढूंढने लगे। तभी जौनी को दूर फर्स्ट क्लास के डिब्बे के दरवाजे पर नानाजी खड़े दिखाई दिए। नानाजी, नानाजी,...
    Elder's-scolding

    बड़ो की डांट भी दुलार

    पापा: ये क्या है। दादाजी ने सारे आॅफिस के सामने आपको डांटा और आप चुपचाप सुनते रहे। मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। आप भी कंपनी में सारे कामकाज देखते हैं, क्या हुआ जो गलती से आर्डर इधर-उधर हो गया। आॅफिस में सभी आपका सम्मान करते हैं। ऐसे सबके सामने वो आपक...
    kids'-Corner

    बच्चे को सिखाएं शेयर करना

    कुछ बच्चों में देने की आदत जन्मजात होती है। उन्हें इसे सिखाना नंहीं पड़ता, लेकिन कुछ बेहद खुदगर्ज प्रवृत्ति लिए पैदा होते हैं। वे अपनी चीज किसी के द्वारा छू भर देने से हंगामा मचा देते हैं। जमीन में पसर जाते हैं। गला फाड़कर चिल्लाने, हाथ-पैर पटकने लगते ...
    Self Respect of Country

    India is my country: भारत देश मेरा…

    मेरी भारत माता मानवता की महान भूमि है पहली बार सभ्यता को अपनी उपस्थिति मिली
    Struggle Life Story

    संघर्ष भरे जीवन की अजीब दास्तां

    ‘‘भविष्य की तो कौन जानता है, पर किशोरवय की चंचलता के कारण उन्हें कई बार मां की ही नहीं, पिता की भी डांट खानी पड़ती। मां-पिता भविष्य देखते थे और वे किशोरियां वर्तमान, जिसमें भरे होते सपने-ही-सपने। असत्य तो उन सपनों के बीच समाता ही न था। हर लड़का राजा, ह...
    Result-of-Greed

    लालच का नतीजा

    हे भगवान, इस वन में अकाल पड़े, सूखा पड़े और बाढ़ आए ताकि वन के जानवर तबाह और बरबाद हो जाएं,' सुंदर वन का महाराज खैरातीलाल सियार रोज भगवान की मूर्ति के आगे हाथ जोड़कर यही प्रार्थना करता था। एक दिन जब वह यही प्रार्थना कर रहा था तो उसकी पत्नी बोली, तुम क्यो...
    Prithviraj Chauhan

    शब्द भेदी बाण कला में निपूर्ण थे पृथ्वीराज चौहान

    बहादुर और बुद्धिमान और तेज सैन्य कौशल से दुश्मनों को देते थे मात नाम पृथ्वीराज चौहान जन्मतिथि 1149 ईस्वी जन्म स्थान अजमेर प्रसिद्धी कारण चौहान वंश के राजपूत राजा पिता का नाम सोमेश्वर चौहान माता का नाम कमलादेवी पत्नी का नाम संयुक्ता धर्म हिंदू...
    How To Improve Handwriting

    बच्चों की हैंडराइटिंग सुधारने के आसान तरीके

    क्या आपका बच्चा सही से लिख नहीं पाता है? क्या आपके बच्चे की राइटिंग सुंदर और साफ नहीं है? क्या आपका बच्चा हिंदी, अंग्रेजी और गणित के कुछ अक्षरों को उल्टा लिखता है? अगर यह सारी खामी आपके बच्चे में है, तो यह आर्टिकल लिखने की परेशानी से जूझ रहे बच्चों क...