मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी से बढ़ रही बच्चों में बीमारियां, बाल रोग विशेषज्ञ ने जताई गंभीर चिंता
बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)। Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह के समय मम्मियों के लिए बच्चों का नाश्ता तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल की जल्दी, ऑफिस की भागदौड़ और समय की कमी के चलते अधिकतर घरों में बच्चों को झटपट तैयार होने वाला “दो मिनट का नाश्ता” परोसा जा रहा है। इसमें मैगी, नूडल्स, पास्ता और अन्य इंस्टेंट फूड प्रमुख रूप से शामिल हैं। लेकिन यह सुविधा बच्चों की सेहत के लिए धीरे-धीरे गंभीर खतरा बनती जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अभिनव तोमर के अनुसार, झटपट तैयार होने वाले अनहेल्दी नाश्ते बच्चों के शरीर को आवश्यक पोषण नहीं दे पाते। लगातार इंस्टेंट और प्रोसेस्ड फूड खाने से बच्चों में कई तरह की बीमारियां देखने को मिल रही हैं।
नाश्ते के नाम पर बच्चो की सेहत के साथ खिलवाड़ | Health News
उन्होंने बताया कि ऐसे खाद्य पदार्थों में पोषण बहुत कम और नमक, रिफाइंड आटा, प्रिज़रवेटिव्स व हानिकारक केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है और विटामिन, प्रोटीन, आयरन और फाइबर की भारी कमी रहती है।जो बच्चों के शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। डॉ तोमर के अनुसार, रोजाना मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी जैसे नाश्ते से बच्चों में पेट दर्द, गैस, कब्ज, एसिडिटी, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार और संक्रमण होने लगता है। लंबे समय तक ऐसे भोजन से मोटापा, एनीमिया, ध्यान की कमी और थकान जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि सुबह का नाश्ता बच्चों के पूरे दिन की ऊर्जा और मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि नाश्ता पोषण से भरपूर न हो तो बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और शारीरिक विकास पर सीधा असर पड़ता है। दुर्भाग्यवश, दो मिनट में बनने वाला नाश्ता बच्चों के पेट तो भर देता है, लेकिन शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं दे पाता। डॉ अभिनव तोमर ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की सेहत के साथ समझौता न करें और समय की कमी के बावजूद हेल्दी विकल्प अपनाएं। उन्होंने कहा कि घर पर बना साधारण और ताजा भोजन ही बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और फायदेमंद है। Health News
बच्चों के लिए हेल्दी नाश्ते और खाने के सुझाव
डॉ तोमर के अनुसार, बच्चों के नाश्ते में दलिया, ओट्स, दूध, फल, उबले अंडे, पराठा-सब्जी, पोहा, उपमा, सैंडविच (घर की बनी सब्जियों के साथ) और दही जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अंकुरित अनाज, मूंग दाल चीला, इडली या घर पर बने पैनकेक भी पौष्टिक नाश्ते के अच्छे विकल्प हैं। बच्चों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने और जंक फूड से दूरी बनाने की आदत डालना भी जरूरी है। डॉ अभिनव तोमर ने कहा कि बच्चों की सेहत की नींव बचपन में ही रखी जाती है। थोड़ी सी योजना और जागरूकता से मम्मियां बच्चों को स्वाद के साथ-साथ सेहतमंद नाश्ता दे सकती हैं। दो मिनट की सुविधा के बजाय बच्चों का स्वस्थ भविष्य चुनना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
यह भी पढ़ें:– Punjab News: पंजाब पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, डीजीपी यादव ने दी बधाई















