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    राजधानी दिल्ली से आर्थिक राजधानी मुंबई तक एक्सप्रेस पर बनेंगे कई हेलीपैड

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    एयर एम्बुलेंस व आपात स्थिति में उतरेंगे ‘हेलिकॉप्टर’

    • सभी हेलीपैड को हर राज्य में स्थापित ट्रोमा सेंटर से जोड़ा जाएगा

    • देश का पहला ऐसा हाइवे होगा, जिसके किनारे होंगे हेलीपैड

    सच कहूँ/संजय मेहरा, गुरुग्राम। राजधानी दिल्ली से वाया हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों से होकर मुंबई तक बनाया जा रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे कई मायनों में खास होगा। सबसे बड़ी बात तो यह कि इस रूट पर कई जगह हेलीपैड बनाए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में वहां हेलिकॉप्टर उतारकर यात्रियों को सुविधा दी जा सके। दुर्घटना होने, किसी के गंभीर बीमार होने की स्थिति में तुरंत एयर एम्बुलेंस वहां पहुंचेगी और लोगों को अस्पताल पहुंचाएगी। यह देश का पहला ऐसा हाईवे होगा, जिसके किनारे पर हेलीपैड होंगे। हेलीपैड का निर्माण काफी जगह एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ होगा, ताकि कम समय में हादसे के शिकार, बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके। सभी हेलीपैड को हर राज्य में स्थापित ट्रोमा सेंटर से जोड़ा जाएगा, ताकि जल्द ही लोगों को चिकित्सा उपलब्ध होगी। दिल्ली से राजस्थान के दौसा तक के हिस्से में अगले साल यानी मार्च 2022 तक पूरा होने की डैड लाइन रखी गई है। आगे का भाग पूरा करने में भी अधिक समय ना लगे, इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी प्रयासरत हैं।

    डीएनडी दिल्ली से जवाहर लाल नेहरू पोर्ट तक बनेगा

    दिल्ली-नोयडा-दिल्ली (डीएनडी) फ्लाई-वे से जवाहर नेहरू पोर्ट मुंबई ईस्ट तक यह एक्सप्रेस-वे बनेगा। दिल्ली में यह एक्सप्रेस-वे 9 किलोमीटर क्षेत्र में, हरियाणा में 129 किलोमीटर में, राजस्थान में 373 किलोमीटर में, मध्य प्रदेश में 244 किलोमीटर में, गुजरात में 426 किलोमीटर में और महाराष्ट्र में 171 किलोमीटर क्षेत्र में बनेगा। दिल्ली से हरियाणा का कुछ हिस्सा और आगे महाराष्ट्र का कुछ हिस्सा छोड़ दें तो गुरुग्राम के सोहना से लेकर महाराष्ट्र के विरार तक एक्सप्रेस-वे की लंबाई 1198 किलोमीटर होगी। इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज व अरुण जेटली की मौजूदगी में किया था। अब सितम्बर 2021 में नितिन गडकरी ने इसका दौरा करके निर्माण कार्य का जायजा लिया है।

    120 किमी प्रति घंटा रहेगी गति सीमा

    इस एक्सप्रेस-वे की दिल्ली से मुंबई तक 1352 किलोमीटर की लंबाई है। आठ लेन का यह एक्सेस कंट्रोल ग्रीन फील्ड एक्सपे्रस-वे होगा। इसके बीच में 4 लेन की जगह भविष्य में जरूरतों के हिसाब से छोड़ी जा रही है। यानी भविष्य में इसका विस्तार 12 लेन के रूप में भी हो सकेगा। इस पर वाहन चलाने की गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

    रिसोर्ट, रेस्टोरेंट, डोरमैट्री, अस्पताल होंगे

    दिल्ली से मुंबई तक 94 तरह की सुविधाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी। इनमें रिसोर्ट, रेस्टोरेंट, डोरमैट्री, अस्पताल, फूड कोर्ट और तेल पंप आदि मुख्य होंगे। इस तरह से यह एक्सप्रेस-वे अनूठा होगा। नितिन गडकरी के दौरे के दौरान एनएचएआई के निदेशक सुरेश कुमार ने बातचीत में बताया कि इस पूरे रूट पर यात्रियों के लिए 94 प्रकार की सुविधाओं के अलावा चिकित्सा, खाना-पीना, विश्राम करना, फ्यूल आदि सुविधा इसके रूट पर ही होंगी। क्योंकि एक्सप्रेस-वे हर शहर के बाहर से ही निकलेगा। इसलिए यह जरूरी है कि इस पर चलने वाले लोगों को हर जरूरी सुविधा इसी पर उपलब्ध हो।

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