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    शीत युद्ध में आवाज बुलंद करने वाली मार्गरेट थैचर

    Margaret Thatcher

    28 नवंबर 1990 को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मागर्रेट थैचर ने ब्रिटेन की महारानी को अपना इस्तीफा सौंपा था और नम आंखों से डाउनिंग स्ट्रीट में अपने आवास को खाली कर दिया था। मागर्रेट हिल्दा थैचर या बैरोनेस थैचर बीसवीं सदी में ब्रिटेन की ऐसी प्रधानमंत्री थीं जो कि लंबे समय तक ब्रिटेन का नेतृत्व करती रहीं। अपने समय की वे अकेली ऐसी महिला थीं, जिन्होंने राजनीति में आकर इतनी ऊंचाइयां हासिल कीं। शीत युद्ध में दक्षिणपंथ का झंडा बुलंद करने वाली मार्गरेट थैचर ने 1979 से 1990 के बीच ब्रिटेन की कमान संभाली थी।

    ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी की नेता रही मागर्रेट थैचर ब्रिटिश इतिहास की अकेली महिला हैं जिनका प्रधानमंत्री बनने के साथ ही 20वीं सदी में डाउनिंग स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा दिनों तक कब्जा रहा। डेविड कैमरून ने जब कहा कि मार्गरेट थैचर ने हमारे देश का सिर्फ नेतृत्व ही नहीं किया, बल्कि देश की रक्षा भी की, तो थैचर की फौलादी विरासत को अपनी आत्मा में छटांकभर बचाए रखने के बावजूद वे अर्धसत्य ही कह रहे थे। थैचर ने कभी इंदिरा की तारीफ करते हुए कहा, मैंने उनमें एक स्टेट्समैन की खूबियां देखी थीं। वह अपने मुल्क को लेकर बेहद जुनूनी थीं, हमेशा उत्साहित रहती थीं और बहुत यथार्थवादी थीं।

    भारतीय प्रधानमंत्री की तरह थैचर की जिंदगी भी हमेशा खतरे में रही। एक बार 1984 में आयरलैंड की विद्रोही सेना ने उन पर हमला किया, जिसमें वह बाल बाल बचीं। इंदिरा उनकी खैरियत पूछने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय नेताओं में थीं। ब्रिटेन में लौह महिला के नाम से मशहूर थैचर को 1959 में पहली बार ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस आॅफ कॉमंस के लिए चुना गया और 1975 में उन्होंने पूर्व विपक्षी कंजर्वेटिव नेता एडवर्ड हीथ की जगह ले ली। चार साल बाद उन्हें ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनाया गया। थैचर का जन्म 13 अक्टूबर 1925 को पूर्वी इग्लैंड में हुआ था। 8 अप्रैल 2013 को थैचर ने लंदन में आखिरी सांस ली।

     

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