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    फलों के राजा चौसा लंगड़ा आम का स्वाद विदेशों में भी चख रहें है लाखों लोग

    जापान, दुबई व चीन जैसे देशों में हर साल कई टन आम का हो रहा है निर्यात

    लाडवा(रामगोपाल)। विदेशों में भी फलों के राजा चौसा लंगड़ा आम के स्वाद के लोग दिवाने है। हर साल टनों की मात्रा में चौसा लंगड़ा आम को सहारनपुर के रायपुर के पैक हाउस से निर्यात किया जा रहा है। यह आम अधिकतर जापान, दुबई, चीन जैसे अनेक देशों में सप्लाई किया जा रहा है। इन आमों की खपत उस्मान जैसे किसान कर रहे है। अहम पहलू यह है कि उस्मान ने अपनी जमीन पर आम की करीब 235 किस्मों के पेड़ लगाए है। इन आमों को बेच कर उस्मान हर साल लाखों रुपए कमा रहे है।

    उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के गांव रायपुर से उस्मान लाडवा के उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र में 235 किस्मों के आम ले कर आए है। इन किस्मों को देख कर इस क्षेत्र के किसान व प्रदर्शनी देखने वाले लोग हैरान है और आम की खेती से प्रेरित हो रहे है। यहां पर किसान उस्मान ने विशेष बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार की तरफ से आम उत्सव जैसे कार्यक्रमों के आयोजन से प्रगतिशील किसान को मंच मुहैया करवा कर प्रगति करने का एक मार्ग दिखाया है।

    उस्मान के आम के बाग भी कर रहे है देश व विदेशी लोग के                      स्वाद की पूर्ति, हर साल कमा रहे है लाखों रुपए की आमदनी

    उन्होंने कहा कि आम की खेती करना उनका पुश्तैनी काम है। इस पुश्तैनी खेती के लिए अपनी जमीन में आम की करीब 235 किस्मों के आम के पेड़ लगाए हुए है इन की देखभाल स्वयं तथा परिवार के अन्य लोग कर रहे है। इस खेती के लिए ज्यादा पैसा भी खर्च भी नहीं हो रहा है और हर साल करीब लाखों रुपए कमा रहे हैै।

    उन्होंने कहा कि सहारनपुर व रायुपर के पैक हाउस के संचालक आम खरीदते हैै और इस पैक हाउस से आम का निर्यात जापान, दुबई व चीन जैसे देशों में किया जा रहा है। उनके बाग से कई टन आम विदेशों में बेचे रहा है। उन्होंने एक सवाल का जवाब का देते हुए कहा कि आम उत्सव में पिछले कई साल से अपनी आम की किस्मों को लेकर आ रहे है। इस बार 235 किस्मों के आम को लेकर आएं है। उनकी किस्मों को किसान काफी पसंद कर रहे है और आम की खेती को अपनाने के लिए चर्चा कर रहे है। इससे राज्य सरकार का सपना भी साकार हो रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए ही प्रेरित किया जा रहा है।

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