चीन में मंकी बी वायरस के पहले मरीज की मौत, जानें, क्या है मंकी बी वायरस?

0
301
Monkey B Virus

नई दिल्ली (एजेंसी)। पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। इस महामारी के कारण कई देशों में भूखमरी जैसे हालात हो गए हैं। अमेरिका जैसे विकसित देश भी इस महामारी को कंट्रोल करने में नाकाम हो रहे हैं। कोरोना सबसे पहले चीन में ही आया था। पूरी दुनिया चीन को शक के घेरे में देखती है। कई रिपोर्टों में भी खुलासा हो चुका है कि चीन की लैब में ही कोरोना पैदा हुआ था। इस बीच अब फिर से चीन में मंकी बी वायरस का मामला सामने आया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस वायरस से संक्रमित मिले पहले व्यक्ति की बीजिंग में मौत हो गई है। चीन के सरकारी अखबार ने भी इस खबर की पुष्टि कर दी है। चीन के इस पशु चिकित्सक के मंकी बी संक्रमित होने व उसके बाद मौत होने का यह पहला मामला है। शोधकर्ताओं ने अप्रैल में पशु चिकित्सक के मस्तिष्कमेरु द्रव को एकत्र किया था। जांच में उसमें मंकी बीवी वायरस पाया गया। यह वायरस इतना खतरनाक है कि इससे संक्रमित लोगों के मरने की दर 70 से 80 फीसदी है।

मंकी बी वायरस?

हर्पीस बी वायरस या फिर मंकी वायरस आमतौर पर वयस्क मैकाक बंदरों से फैलता है। इसके अलावा रीसस मैकाक, सुअर-पूंछ वाले मैकाक और सिनोमोलगस बंदर या लंबी पूंछ वाले मैकाक से भी यह वायरस फैलता है। इसका इंसानों में पाया जाना दुर्लभ है, लेकिन अगर कोई इंसान इस वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसे तंत्रिका संबंधी रोग या मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में सूजन की शिकायत हो सकती है।

यह वायरस फैलता कैसे है?

इंसानों में यह वायरस आमतौर पर मैकाक बंदरों के काटने या खरोंच के बाद ही पहुंच सकता है। वायरस संक्रमित बंदर की लार, मल-मूत्र से भी फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित इंजेक्शन भी इसका एक जरिया हो सकता है। यह वायरस वस्तुओं की सतहों पर घंटों तक जीवित रह सकता है।

लक्षण

  • संक्रमण की जगह के पास फफोले पड़ जाना।
  • घाव के पास दर्द होना। उस जगह का सुन्न हो जाना। खुजली होना, फ़्लू जैसा दर्द।
  • बुखार और ठंड लगना।
  • 24 घंटे से अधिक समय तक सिरदर्द।
  • थकान
  • मांसपेशीयों में अकड़न
  • सांस लेने में कठिनाई

इलाज

बोस्टन पब्लिक हेल्थ कमीशन की रिपोर्ट कहती है कि इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को अगर इलाज ना मिले तो लगभग 70% मामलों में मरीज की मौत हो सकती है। ऐसे में अगर आपको किसी बंदर ने काट लिया है या खरोंच दिया है तो हो सकता है कि वो बी वायरस का कैरियर है। ऐसी स्थिति में तुरंत प्राथमिक चिकित्सा शुरू कर देनी चाहिए। घाव वाली जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना सबसे जरूरी है। कमिशन की रिपोर्ट के मुताबिक, बी वायरस के इलाज के लिए एंटीवायरल दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन कोई टीका उपलब्ध नहीं है।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।