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Saturday, February 7, 2026
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    शाह सतनाम जी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में मदर डे हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया

    Mother's Day

    मां की ममता और प्यार हर इंसान के लिए जरूरी: डॉ.चरणप्रीत कौर

    सरसा (सच कहूँ न्यूज)। शाह सतनाम जी कॉलेज आॅफ एजुकेशन में मदर डे के उपलक्ष्य में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ केक सेरेमनी के साथ कॉलेज प्रशासिका डॉ. चरणप्रीत कौर ढिल्लों, प्राचार्या डॉ. रजनी बाला द्वारा किया गया। मंच का संचालन बीएड की नीलम व नवनीत कौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में बीएड से मुकेश कुमार ने अपने गीत तेरी उंगली पकड़ के चला…, कनिका ने पोस्टर बनाकर मां के अपने प्रति विचारों को व्यक्त किया। पूनम एमएड ने अपनी कविता मां अगर तुम ना होती तो मुझे संभालता कौन…, राजकौर व नवप्रीत ने पंजाबी नृत्य पुत्त तेरा पहुंच गया फर्शा तों अर्सा तें…,बीएड की पूनम ने अपनी कविता मां की अहमियत और जयंती ने मां का महत्व अपनी कविता की माध्यम से समझाया।


    मां और बच्चे का रिश्ता दुनिया में सबसे अहम और अनमोल होता है। मां की ममता और प्यार हर इंसान के लिए जरूरी होता है। मां अपना पूरा जीवन बिना किसी स्वार्थ के बच्चों की खुशी के लिए कुर्बान कर देती है। इसलिए हम सभी को अपने माता-पिता का कहना मानना चाहिए और उनका आदर व सम्मान करना चाहिए।
    -डॉ. चरणप्रीत कौर ढिल्लों, कॉलेज प्रशासिका


    किसी ने गीत तो किसी ने कविता और नृत्य के माध्यम से समझाई मां की ममता

    सैमी व नेहा ने अपने गीत तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है मां…, स्वाति और इंद्रजीत कौर ने पंजाबी गीत पर नृत्य गिद्दे विच चोटी मेरी मार दी फर्राटे,ज्योति ने कविता मेरी मां, सुनीता ने कविता बचपन की यादें, एमएड से अंजलि ने पंजाबी कविता मां तू थकती क्यों नहीं, कशिश एमएड ने मां तू मेरी खुदा है, बीएड की समेस्ता ने अपनी स्वयं रचित कविता विरासत से जोड़ती है मां.. सुनाई। सहायक प्रोफेसर डॉ. रणजीत सिंह द्वारा पंजाबी गीत के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।

    भगवान का दूसरा रूप होती हैं मां: प्राचार्या डॉ. रजनी

    सहायक प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विश्व की महान, प्रसिद्ध व बहादुर माताओं में विद्यावती, नानकी देवी, गुजरी बाई, मदर टेरेसा, जीजाबाई, मैरी कॉम, रानी लक्ष्मीबाई के जीवन में संघर्ष और उनके योगदान के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. रजनी बाला ने सभी छात्रों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भगवान का दूसरा रूप होती है मां, जहां भगवान नहीं पहुंच पाते वहां मां उपस्थित होती है। इस अवसर पर सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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