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    अब घुसपैठियों की खैर नहीं अमित शाह के इस निर्णय से कांप जाएंगे आतंकवादी

    Ministry of Home Affairs
    Ministry of Home Affairs अब घुसपैठियों की खैर नहीं अमित शाह के इस निर्णय से कांप जाएंगे आतंकवादी

    लखनऊ (एजेंसी)। नेपाल के पास सीमा पार गतिविधियों और विभिन्न चरमपंथी समूहों के खतरों के बीच सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने और नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के जिलों में उन्नत ड्रोन और ड्रोन-रोधी तकनीकें तैनात करने का निर्देश दिया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डीआईजी मुन्ना सिंह ने बताया कि, “उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा से लगे सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। इसका उद्देश्य एक मजबूत निगरानी प्रणाली बनाना है जो घुसपैठियों या अवैध गतिविधियों का पता लगा सके।”

    सिंह ने कहा कि ड्रोन और ड्रोन-रोधी तकनीक की शुरूआती तैनाती रक्सौल, सोनौली और अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शुरू होगी। इसको लेकर बलरामपुर में एक उच्च-स्तरीय क्षेत्र समन्वय बैठक के बाद इसकी जानकारी दी गई। बैठक में पुलिस, सीमा शुल्क, एनसीबी, डीआरआई और खुफिया शाखाओं जैसी विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतर्कता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया, खासकर नेपाल में इस्लामिक संघ (करठ) जैसे कट्टरपंथी समूहों और सीमा पार सक्रिय अन्य संबद्ध संगठनों की गतिविधियों को लेकर बातचीत हुई।

    सिंह ने कहा, “करठ नेपाल में अधिकांश मदरसों और मस्जिदों को चलाने वाला अग्रणी संगठन है। इसे अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और कतर से पर्याप्त धन मिलता है।” उन्होंने कहा कि ये समूह अपने चरमपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए नेपाल में आबादी के कमजोर वर्गों जिनमें भारतीय वीजा पर आने वाले छात्र भी शामिल हैं उनको प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी और तस्करी सहित सीमा पार तस्करी भी एक लगातार समस्या रही है। हाल ही में, खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मुहम्मद से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकवादी भारत-नेपाल सीमा के रास्ते बिहार में घुसपैठ कर चुके हैं। इसलिए, अब हमारा दृष्टिकोण सीमा पर केवल शारीरिक जांच से कहीं आगे जाएगा। हम देश में आने-जाने वाले सभी लोगों पर नजर रखने के लिए व्यापक प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।