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    ऐ इन्सां, क्या तू फरिश्ते से कम है…

    Welfare Works sachkahoon

    अपने खर्च पर नया मकान बनाकर देंगे डेरा सच्चा सौदा के सेवादार

    • सेवादारों ने संभाली मकान बनाने की कमान

    सच कहूँ, देवीलाल बारना, कुरुक्षेत्र। फरिश्तों को किसी ने देखा नही लेकिन जो गरीब व बेसहारा के दु:ख में सरीक होकर उसके दु:ख को दूर कर दें, वे क्या किसी फरिश्ते से कम हैं? ऐसा ही धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के गांव मिजार्पुर में भी देखने को मिला जब बरसात के दौरान एक मजदूर के मकान की छत व दीवार ढह गई। जैसे ही डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों को इस घटना का पता चला तो सेवादारों ने मकान बनाने का जिम्मा(Welfare Works) स्वयं संभाल लिया।

    बता दें कि 23 जनवरी 2022 को हुई तेज बरसात के दौरान कुरुक्षेत्र-कैथल मार्ग पर स्थित मिर्जापुर कॉलोनी में एक मजदूर के मकान की दीवार व छत ढह गई, जिसमें परिवार के तीन लोगों को हल्की चोटें भी आई। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों को जब इस बारे में मालूम पड़ा तो वे परिवार के पास पहुंचे व उनको एक माह का राशन और कंबल भेंट किए।

    मकान रहने की स्थिति में न होने के कारण मकान बनाने की योजना बनाई व शनिवार को मकान बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। डेरा सच्चा सौदा कमेटी के सदस्य संदीप अन्नू, जोगिंद्र सिंह व डॉ. आरके चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवादारों को मालूम पडा था कि यहां बरसात के कारण एक मकान ढह गया है और परिवार के पास रहने के लिए मकान नहीं है। ऐसे में सेवादारों द्वारा मकान बनाने का कार्य शुरू किया गया है।

    लगभग 50 सेवादार और मिस्त्री इस मकान को बनाने की सेवा कर रहे हैं। तीन दिनों में ही मकान को बना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मकान में प्रयोग होने वाले बिल्डिंग मैटिरियल का खर्च, मिस्त्री की लेबर भी साध-संगत द्वारा ही वहन की जाएगी। सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त डिप्टी क्लेक्टर मदनलाल व सेवादार रणदीप इन्सां ने कहा कि जब भी किसी के उपर इस प्रकार की आपदा आन पड़ती है तो सेवादार तन, मन, धन से सेवा कार्य में जुट जाते हैं। जल्द ही इस परिवार के पास रहने के लिए छत होगी।

    फरिश्ता बन पहुंचे परिवार के पास: सतबीर

    मिर्जापुर कॉलोनी निवासी सतबीर ने जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के कारण उसका मकान ढह गया है। घटना 23 जनवरी को सुबह 6 बजे की है जब वह, उसकी गर्भवती पत्नी, दो बच्चे व उसकी मां मकान में सो रहे थे। वह घोड़ा-गाड़ी चलाकर परिवार का गुजारा करता है और उसके पास मकान बनाने के लिए पर्याप्त धन नही है व मकान गिरने से गर्म वस्त्र व राशन भी दब गया।

    ऐसे में डेरा सच्चा सौदा के सेवादार उसके पास फरिश्ता बनकर आए हैं, जिन्होंने 6वें दिन उसका मकान बनाने(Welfare Works) का कार्य शुरू कर दिया है। सेवादारों के जज्बे को देखते हुए उसे यकीन है कि कुछ दिनों में उसका मकान तैयार हो जाएगा।

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