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    देश में एक दिन खेती की हड़ताल होगी, तभी फसल की असल कीमत मिलेगी: राकेश टिकैत 

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    Loni देश में एक दिन खेती की हड़ताल होगी, तभी फसल की असल कीमत मिलेगी: राकेश टिकैत 

    लोनी (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। भाकियू के  नेतृत्व में  किसान फिर से अपने मुद्दों को  लेकर  मोर्चा खोलने की तैयारी में है । किसान अब वे दिल्ली को केएमपी के जरिए चारों तरफ से घेरेंगे। रविवार को यह घोषणा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने लोनी के मंडोला विहार में आयोजित मजदूर ,किसान महापंचायत की। उन्होंने कहा कि देश में एक दिन खेती की हड़ताल होगी, तभी फसल की असल कीमत मिलेगी। किसान अब लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी में है। रविवार को  मंडोला विहार में  मजदूर किसान महापंचायत  में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत   शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केएमपी के लिए जमीन देने वाले किसान 2016 से अधिग्रहण की लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रशासन और सरकार बात करने को तैयार नहीं है। अधिग्रहण के बाद तय दस प्रतिशत भूखंडों का बैनामा किसानों को नहीं किया गया है। किसानों के इस मामले को  लेकर लोनी के मंडोला विहार  में मजदूर  महापंचायत का का आयोजन हुआ।

    महापंचायत में पहुंचे राष्ट्रीय  किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि नियम है कि अगर फूस की दीवार भी है तो उसका अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन और सख्त होगा। आज की बैठक केएमपी से अंदर की ओर हुई है। अब जब भी दिल्ली का आंदोलन होगा, वह केएमपी के गेट पर होगा। दिल्ली को इसकी जरिए चारों तरफ से घेरा जाएगा। जहां-जहां भी केएमपी के गेट होंगे, वहां के अध्यक्ष इसकी जिम्मेदारी लेंगे। एक बड़ी लड़ाई की तैयारी होगी। दिल्ली अब घिरेगी तो इसी केएमपी से घिरेगी।

    लोनी के किसान 2016 से मांगों को लेकर बैठे है

    उन्होंने कहा कि ये  किसान  2016 से बैठे हैं। यहां काम रुकवाने पड़ेंगे। यमुना प्राधिकरण और लखनऊ प्राधिकरण से जो लोग लड़ रहे हैं, उन्हें यहां भेजेंगे। भूमि अधिग्रहण में जो नोएडा के किसानों को मिल रहा, वही यहां पर दिया जाए। केएमपी के आसपास के जिलों में भूमि अधिग्रहण के आंदोलन करेंगे।

    किसान फसल की लागत थोड़ी कम करे: टिकैत

    राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने गन्ने  का पिछला बकाया भुगतान नहीं किया। फसल बोने से पहले भुगतान मिलना चाहिए था। गन्ने का दाम भी नहीं बढ़ाया है। यह किसानों के साथ धोखा किया है। फसल बोने से पहले फसल के दाम तय हो जाने चाहिए। उन्होंने किसानों ने अपील करते हुए कहा कि फसल की लागत थोड़ी कम कर लो। फसल की पैदावार कम हो ताकि सरकार और गन्ना मिल वाले आएं कि गन्ना की पैदावार कर दो। उन्होंने कहा कि एक दिन देश में  खेती-किसानी  हड़ताल भी होगी।

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