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    हरियाणा कॉलेजों में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू

    Jaipur News
    Jaipur News: 21 आईपीएस अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति
    • इस नीति के तहत निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से किये जाएंगे स्थानान्तरण

    • मेवात व मोरनी क्षेत्र में पोस्टिंग पर मिलेगा अतिरिक्त वेतन

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू हो गई है। ऐसे में अब असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसरों भी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के दायरे में आ गए हैं। हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग ने संशोधित ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2022 तैयार की है, लेकिन हर 5 साल बाद ही एसोसिएएट प्रोफेसर इसके दायरे में आएंगे। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रांसफर पॉलिसी अधिसूचना की तारीख से लागू होगी। स्थानांतरण नीति के तहत सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत उन सभी असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसरों पर लागू होगी, जिनके विषय में 80 या 80 से अधिक स्वीकृत पद हैं। योग्य प्रोफेसर 15 सरकारी कॉलेजों के विकल्प भर सकेंगे, लेकिन विकल्प देते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके विषय उन कॉलेजों में पढ़ाए जा रहे हैं और वर्क लोड के अनुसार उपलब्ध हैं।

    ग्रामीण कॉलेजों में सेवा अवधि करनी होगी पूरी

    प्रवक्ता ने बताया कि असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसरों, जिनकी अनिवार्य ग्रामीण सेवा अभी पेंडिंग है, उन्हें ग्रामीण महाविद्यालयों का चयन करना होगा, जहां उनका विषय पढ़ाया जा रहा है। ऐसा न करने पर सिस्टम ऑटोमेटिक ही दिए गए विकल्पों को अस्वीकार कर देगा। स्थानांतरण नीति मौजूदा एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों (एएनओ) पर लागू नहीं होगी। यदि कोई अठड इस नीति के माध्यम से स्थानांतरण में भाग लेना चाहता है तो वह यह सुनिश्चित करेगा कि ऐच्छिक कॉलेज में उसके शिक्षण विषय में एएनओ (एनसीसी) का पद रिक्ति हो।

    मेवात के लिए अतिरिक्त भुगतान

    प्रवक्ता ने बताया कि जिला नूंह (मेवात) और जिला पंचकूला (केवल मोरनी हिल्स क्षेत्र के लिए) में सरकारी कॉलेजों का चयन करने वाले असिस्टेंट/एसोसिएट प्रोफेसरों का यह गृह जिला नहीं है, उन्हें अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने के 15 दिनों के भीतर म्यूचुअल ट्रांसफर विकल्प का प्रयोग किया जा सकता है। म्यूचुअल ट्रांसफर 5 साल की अवधि के लिए वैध होगी और यदि कोई पद पर कार्यरत प्राध्यापक सेवानिवृत्त हो जाता है तो अन्य पदधारी को समय सीमा बची होने के बावजूद अगले आॅनलाइन स्थानांतरण में भाग लेना होगा।

    1 जून 2023 तक जारी किए जाएंगे स्थानांतरण

    प्रवक्ता ने बताया कि हर वर्ष 31 मार्च को कार्यभार के अनुसार वास्तविक रिक्तियों, मानी गई रिक्तियों और काल्पनिक रिक्तियों के लिए योग्यता तिथि, वेटेज, अंकों की गणना होगी। इसके अलावा, वास्तविक रिक्तियां, डीम्ड रिक्तियां और नेशनल रिक्तियां प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल तक की जाएंगी। पात्र असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसर प्रत्येक वर्ष 1 मई से 15 मई तक 15 सरकारी महाविद्यालयों की अपनी पसंद ऑनलाइन जमा करवा सकते हैं। स्थानांतरण आदेश 1 जून तक जारी किए जाएंगे। यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह 7 जून तक दर्ज करवा सकता है।

    समान अंक होने पर वरिष्ठता प्राध्यापकों को प्राथमिकता

    प्रवक्ता ने बताया कि असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसर का स्थानांतरण पद के आवंटन, रिक्तियों के लिए योग्यता मानदंड किसी कर्मचारी को रिक्त पद के आवंटन के लिए योग्यता निर्धारित 100 अंकों में से अर्जित कुल
    समग्र स्कोर, अंकों पर आधारित होगी। किसी रिक्ति के विरूद्ध प्राध्यापकों के दावे का निर्णय करने के लिए आयु पहला मानदंड होगा और इसमें कुल 100 अंकों में से अधिकतम 57 अंक होंगे। समान अंक होने की स्थिति में आयु में वरिष्ठ होने वाले प्राध्यापकों को वरीयता दी जाएगी ।

    दिव्यांग सहित इन कैटेगरी को 20 अंकों का विशेषाधिकार

    प्रवक्ता ने बताया कि विशेष श्रेणी जिसमें विधवाओं, तलाकशुदा, कानूनी रूप से अलग, अविवाहित महिलाएं, विडोअर्स, दिव्यांग, दुर्बल विकारों के रोग, अलग-अलग दिव्यांग या मानसिक रूप से विकलांग बच्चों और इस तरह के मामलों सहित महिलाओं को शामिल किया गया है। इस श्रेणी के अंतर्गत असिस्टेंट/एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा अधिकतम 20 अंकों का विशेषाधिकार प्राप्त किया जा सकता है।

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