हमसे जुड़े

Follow us

19.7 C
Chandigarh
Saturday, February 28, 2026
More
    Home देश Vice Presiden...

    Vice Presidential Election 2025: विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार आज दाखिल करेंगे अपना नामांकन पत्र

    Vice Presidential Election News
    Vice Presidential Election 2025

    Vice Presidential Election 2025: नई दिल्ली। विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस पद के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि 25 अगस्त तक प्रत्याशी नाम वापसी कर सकते हैं। चुनाव की प्रक्रिया 9 सितंबर को होगी और उसी दिन मतगणना भी पूरी की जाएगी। Vice Presidential Election News

    रेड्डी पूर्व में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और गोवा राज्य के प्रथम लोकायुक्त रह चुके हैं। वे आंध्र प्रदेश से संबंध रखते हैं तथा वर्ष 2007 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इस चुनाव में उनका सीधा मुकाबला सत्तारूढ़ गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से होगा। दोनों ही प्रत्याशी दक्षिण भारत से हैं। राधाकृष्णन ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया।

    उपराष्ट्रपति का यह चुनाव, वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को दिए गए इस्तीफ़े के कारण कराया जा रहा है। उनका कार्यकाल सामान्यतः अगस्त 2027 तक रहने वाला था। नामांकन से पूर्व बुधवार को ‘इंडिया गठबंधन’ के नेताओं ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बी. सुदर्शन रेड्डी के सम्मान में एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया। विपक्षी दलों ने उनकी उम्मीदवारी को लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल बताया।

    “पूर्व न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी की न्याय के प्रति दृढ़ निष्ठा

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “पूर्व न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी न्याय के प्रति अपनी दृढ़ निष्ठा और निडर फैसलों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता को मज़बूती देने का कार्य किया है। यह चुनाव केवल एक संवैधानिक पद के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र की आत्मा के लिए वैचारिक संघर्ष है।”

    उन्होंने आगे कहा कि रेड्डी उन मूलभूत संवैधानिक आदर्शों के प्रतीक हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी और जिन पर भारत का लोकतंत्र आधारित है। ऐसे समय में जब लोकतांत्रिक संस्थानों की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं, उनकी उम्मीदवारी राज्यसभा की गरिमा, ईमानदारी और संतुलन को मज़बूती प्रदान करेगी।

    Mata Vaishno Devi Bus accident: माता वैष्णो देवी जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस का टायर फटा, पुल से 30…