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    खरखौदा बीडीपीओ कार्यालय में तैनात पंचायत अफसर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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    Sonipat News: खरखौदा बीडीपीओ कार्यालय में तैनात पंचायत अफसर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

    परिजनों ने बीडीपीओ पर लगाए मानसिंह प्रताड़ना के आरोप

    सोनीपत (सच कहूँ न्यूज़)। Sonipat News: खंड खरखौदा में ब्लॉक पंचायत विभाग में तैनात एसीपीओ जोगिंदर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने विभागीय अधिकारी पर लंबे समय से मानसिक, आर्थिक प्रताड़ना और अवैध दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है की छुट्टियां ,मेडिकल और सैलरी रोक जाने के चलते जोगिंदर गहरे तनाव में था। उक्त मामले को लेकर परिजन न्याय की मांग को लेकर सोनीपत सिटी थाना और मिनी सचिवालय पहुंचे। वहीं पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भेज दिया गया है। परिजन और जोगी संगठन के प्रधान सुरेश के अनुसार जोगेंद्र पंचायत विभाग में एसीपीओ के पद पर खरखौदा ब्लॉक में तैनात था। वे सोनीपत के ब्रह्म नगर में रहता था। जोगिंदर 31 दिसंबर 2026 को रिटायरमेंट होनी थी और विभाग में उनकी लंबी सेवा रही है। परिजनों ने खरखौदा ब्लॉक में बीडीपीओ सुरेंद्र आर्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि जोगेंद्र को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। बीमारी के चलते जब भी वह छुट्टी लेते और मेडिकल जमा करते उसे मान्य नहीं किया जाता था। उन्होंने बताया कि जोगेंद्र के बेटे सुमित की 3 नवंबर 2025 में शादी थी इसके लिए उन्होंने बीडीपीओ को बाकायदा इनविटेशन कार्ड भी दिया था। Sonipat News

    लेकिन इसके बावजूद उस दिन भी उनकी अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई और छुट्टी नहीं दी गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि रिटायरमेंट से पहले जोगिंदर की करीब 800 से अधिक छुट्टियां बकाया थी। वह कई बार छुट्टी लेना चाहते थे लेकिन बार-बार इनकार किया गया मेडिकल छुट्टी तक को मंजूरी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि पिछले कई महीनो से जोगेंद्र की सैलरी नहीं बनाई गई थी। सैलरी नहीं मिलने के कारण भी वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था और कई बार सुबह उठकर रोने लगता था। 7 सदस्यों के परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी ऐसे में घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया था। परिजनों का कहना है कि शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है लेकिन वह लंबे समय से डिप्रेशन में थे।

    बेटे सुमित का आरोप है कि जिला प्रशासन से लेकर चंडीगढ़ तक कई बार शिकायत की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई जिसके चलते उनके पिता की जान चली गई है। जानकारी के मुताबिक जोगेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। एक बेटा सचिन डिलीवरी का काम करता है। जबकि दूसरा बेटा सुमित एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत है। परिजनों के अनुसार जोगेंद्र आज अपने कमरे में संदिग्ध अवस्था में मृत मिला। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण सोनीपत सिटी थाना और मिनी सचिवालय पहुंचे उन्होंने डीसीपी को लिखित शिकायत देकर बीडीपीओ की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया है। सिटी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। Sonipat News

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