
Agnivesh Agarwal Passed Away: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेदांता समूह (Vedanta Groups) के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। 49 वर्षीय अग्निवेश का हाल ही में हृदयाघात के कारण निधन हो गया, जिससे उद्योग जगत सहित देशभर में शोक की लहर है। Agnivesh Agarwal
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक संदेश साझा करते हुए कहा कि यह समाचार अत्यंत पीड़ादायक और स्तब्ध कर देने वाला है। उन्होंने लिखा कि इस कठिन घड़ी में अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं तथा ईश्वर से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्राप्त हो।
अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर अनेक केंद्रीय मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भी शोक व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे असहनीय क्षति बताते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और ईश्वर से धैर्य प्रदान करने की कामना की। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को संबल देने की प्रार्थना की। Agnivesh Agarwal
अनिल अग्रवाल ने स्वयं एक भावुक संदेश में अपने पुत्र के निधन की जानकारी दी
उल्लेखनीय है कि अनिल अग्रवाल ने स्वयं एक भावुक संदेश में अपने पुत्र के निधन की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि अमेरिका में स्कीइंग के दौरान हुई दुर्घटना के बाद अग्निवेश उपचाराधीन थे और उनकी हालत में सुधार हो रहा था, किंतु अचानक आई चिकित्सकीय जटिलता के कारण उनका हृदयाघात हो गया। अनिल अग्रवाल ने इस दिन को अपने जीवन का सबसे अंधकारमय क्षण बताया।
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर स्थित मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने फुजैराह गोल्ड की स्थापना की और बाद में वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2019 में उन्हें तलवंडी साबो पावर लिमिटेड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
अपने पुत्र को स्मरण करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि अग्निवेश न केवल एक सफल उद्यमी थे, बल्कि एक संवेदनशील और विनम्र व्यक्तित्व के धनी भी थे। उन्होंने अपनी पत्नी किरण के साथ साझा किए गए दुःख का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षति से परिवार गहरे सदमे में है, किंतु वेदांता समूह से जुड़े हजारों युवा कर्मियों को अपने बच्चों के समान मानकर उन्हें कुछ मानसिक संबल प्राप्त हो रहा है। Agnivesh Agarwal














