
Parliament News: नई दिल्ली। संसद में भारत–चीन सीमा स्थिति पर चर्चा को लेकर सियासी वातावरण गरमा गया है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने से रोका जा रहा है। उनका कहना है कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है, जहां राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर खुली चर्चा होनी चाहिए। Priyanka Gandhi News
प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य में एक प्रकाशित पुस्तक का संदर्भ दिया था, फिर भी उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, पूर्व में विभिन्न दलों के प्रतिनिधि सदन में पुस्तकों और पत्रिकाओं का उल्लेख करते रहे हैं, इसलिए इसे विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति, चीन और पाकिस्तान से जुड़े प्रश्नों पर संसद में बहस लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा रही है।
सरकार आलोचनात्मक तथ्यों के सार्वजनिक होने से आशंकित
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आलोचनात्मक तथ्यों के सार्वजनिक होने से आशंकित है। प्रियंका गांधी के अनुसार, यह केवल किसी एक नेता को रोकने का प्रश्न नहीं, बल्कि संसद की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक मर्यादा का मुद्दा है। उनका कहना था कि संकट की घड़ी में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है और इससे संवाद मजबूत होता है। विपक्ष के कुछ सांसदों के निलंबन पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की और कहा कि बार-बार निलंबन की कार्रवाई से स्वस्थ संसदीय परंपरा प्रभावित होती है। Priyanka Gandhi News
इसी विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए उज्ज्वल रमन सिंह ने सांसदों के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संसद विचार-विमर्श का मंच है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सदन को सुचारु रूप से चलाए। उनके अनुसार, लोकतंत्र में संवाद और असहमति दोनों का सम्मान आवश्यक है।
वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है और अनुशासन बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। संसद के भीतर जारी इस विवाद ने एक बार फिर संसदीय परंपराओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक संवाद की सीमाओं पर बहस को तेज कर दिया है। Priyanka Gandhi News














