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    बरनावा से पूज्य गुरू जी लाइव

    पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां                      ने वीडियो मैसेज के माध्यम से की दुआ

    बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मंगलवार को लाइव साध-संगत से रूबरू हुए। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हमारे बच्चे बहुत मानवता भलाई के कार्य कर रहे हैं, दिन-रात लगे हुए हैं। बहुत अच्छा लगता है, बहुत से सेवादार यहां आए थे पहले और मिलकर गए बड़ी खुशी हुई। ये नेचुरल भगवान की जो कृपा चल रही है।

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आप कब से कह रहे थे कि पिताजी हमें दर्शन दीजिए, तो हम आपके दर्शन करना चाहते थे। रामजी ने सुनी है और भगवान हमेशा सुनता रहेगा। बेपरवाह सच्चे पातशाह जी ने इतना रहमोकरम किया है कि हर जगह, हर समय, हर पल वो हमारे साथ हैं। सतगुरु की प्यारी साध-संगत जी करने वाला शाह सतनाम, शाह मस्तान दाता है, हम तो सेवादार हैं, चौकीदार हैं, करण करावण हार मेरा राम प्यारा, शाह सतनाम, शाह मस्तान जी है। उन्हीं के रहमोकरम से आपके दर्शन कर रहे हैं।

    “पाँच मिनट सुमिरन से गलत विचार या सोच का फल खत्म हो जाता है”

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कई बार ख्यालों में, विचारों में इन्सान से कुछ गलतियां हो जाती हैं तो आपके अंदर शायद ये भावना आती होगी कि क्या करें? हम हमेशा कहा करते हैं कि पाँच मिनट सुमिरन करो, जो भी आपके ख्यालों में, विचारों में कुछ गलत विचार आ जाता है तो पाँच मिनट सुमिरन से वो गलत विचार या सोच का फल खत्म हो जाता है, आपको वो फल नहीं मिलेगा। वो आप ध्यान रखा करो हमेशा।

    आपजी ने फरमाया कि बहुत से सेवादार जब यहां आए थे तो उन्होंने कहा कि गुरु जी भजन सुनाओ। पहले वाले भजन तो आप लोगों ने बहुत सुने हैं और नए भजन भी उन लोगों ने सुने और उनको बहुत अच्छे लगे। तो हमें बड़ी खुशी है कि आप लोग इन्सानियत के कार्यों में दिन रात लगे हुए हैं। भगवान करे, इन कार्यों के बदले आपको भगवान आपको बहुत खुशियां दे।

    “समाज का भला करना, हर, धर्म, जात, मज़हब का साथ देना ही आपका काम”

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि समाज का भला करना, हर, धर्म, जात, मज़हब का साथ देना ही आपका काम है और सत्कार करना है, सबकी इज्जत करनी है। ‘‘तैनू यार नाल की तैनूं चोर नाल की, तू अपनी निबेड़ तैनूं होर नाल की’’, सो कहने का मतलब ‘‘इस जन्म में ये दो काम करो एक नाम जपो और प्रेम करो, किसी जीव का दिल न दुखाना कभी, मौत याद रखो मालिक से डरो।’’ हमेशा खुशी से सतगुरु जी के ये वचन माना करो। परम पिता जी के वचन हैं कि जो ये दो लाइनों को मान लेता है, उसे भी खुशियां आनी शुरू हो जाती हैं तो आप जरूर अमल किया करो।

    किसी से नफरत नहीं करनी, कभी किसी का बुरा नहीं करना, मालिक आपके ऊपर रहमोकरम करे। आपजी ने फरमाया कि हम हमेशा ये कहा करते हैं कि बेपरवाह शाह मस्ताना जी इतनी रहमत की है कि हमारे हाथों में उनका नाम है। राम-नाम जपना हमेशा से ही खुशियां लेकर आता है, कभी भी आप टैंशन ना लिया करो, कभी चिंता ना किया करो, कभी किसी की निंदा नहीं करनी, हमने तो राम का नाम जपना है, समाज का भला करना है। आप लोगों ने इन पाँच सालों में इतने भलाई कार्य किए हैं। दिन-रात आप लोगों ने अखंड सुमिरन किया है।

    “हे प्रभु! सारे संसार में शांति दे। हमारे इस देश में शांति रहे”

    कुछ लोगों ने कहा कि पिता जी तो अखंड सुमिरन के लिए कहते नहीं थे। अरे हम ही कह कर भेजते थे कि अखंड सुमिरन किया करो, ताकि मानवता का भला हो, आने वाली बुराइयां, आने वाले रोगों से मानवता बची रहे, इन्सानियत बची रहे, इन्सानियत को खुशियां मिलें, वो चीजें साध-संगत ने की हैं। भगवान से यही प्रार्थना है कि आप ऐसा हमेशा करते रहें। उन खुशियों में आपकी, आपके परिवारों की खुशियां भी शामिल हैं। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि प्यारी साध-संगत जीओ ना तो किसी को बुरा कहो, ना तो किसी की निंदा करो, ना किसी भी निंदा करने वाली की हाँ में हाँ मिलाओ, ये हमने चिट्ठियों में डाला, 10 चिट्ठियां आपको लिखकर भेजी हैं।

    हम भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि हे प्रभु! सारे संसार में शांति दे। हमारे इस देश में शांति रहे। हे प्रभु! हे मेरे मालिक! ये जो तूफान उठ रहे हैं, तू दया का सागर है, तू रहमत का दाता है, इन तूफानों को रोक दे। इन्सान को सोझी दे, क्योंकि ये इन्सानियत के लिए अच्छी चीजें नहीं हैं। रामजी से दुआ कर सकते हैं, शाह सतनाम, शाह मस्तान जी दाता से। आपजी ने फरमाया कि हमें डॉ. नैन ने बताया था कि कुछ देर के लिए साध-संगत ना आए, तो फिर वो कह रहे थे कि मैं ट्विट करने जा रहा हूँ, शायद उन्होंने इस तरह का ट्विट किया होगा कि प्रशासन ने थोड़ी देर के लिए रोका है तो आपने रूकना है।

    हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे

    जरूर माना करो आप, क्योंकि आपके ही चुने हुए सेवादार हैं, आप में से ही ये सेवादार हैं तो माना करो उनकी बात। बाकी कोई कुछ भी कहता फिरे ध्यान मत दिया करो। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि शाह सतनाम जी दाता रहबर ने रहमत की है, हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे। वो शाह सतनाम जी, शाह मस्तान जी दाता रहबर हम में है, इसलिए उन्होंने एमएसजी बना दिया हमें।

    हम आपकी सेवा के लिए चौकीदार हैं, सेवादार हैं, हर समय तैयार हैं, फिर से एक बार पूरे संसार के लिए दुआ करते हैं। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कहीं युद्ध चल रहा है, कहीं झगड़े हो रहे हैं, हमारा देश इन चीजों से बचा रहे, पूरा वर्ल्ड इन चीजों से बचा रहे। ये तूफान जो उठ रहे हैं नफरत के, झगड़े के, हे भगवान! हे शाह सतनाम, शाह मस्तान दाता इन तूफानों को रोक दे, इन बुराइयों को, जो किसी के मन में पनप रही हैं रोक दे। इन्सानियत का भला यही मालिक से दुआ करते हुए आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद।

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