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Monday, February 2, 2026
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    ठंड और रिमझिम वर्षा पर भारी पड़ी श्रद्धा! सलाबतपुरा में नामचर्चा सत्संग भंडारे पर उमड़ा ‘पंजाब’

    Salabatpura News

    बजा राम-नाम का डंका, 106 जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए

    सलाबतपुरा (सच कहूँ टीम)। रिमझिम बारिश और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद पंजाब की साध-संगत ने सच्चे रूहानी रहबर पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन एमएसजी अवतार माह का नामचर्चा सत्संग भंडारा धूमधाम से मनाया। भंडारे की खुशी में एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र शाह सतनाम जी रूहानी धाम, राजगढ़-सलाबतपुरा (बठिण्डा) में भारी तादाद में साध-संगत पहुँची और सतगुरु जी की महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन सान्निध्य में चलाए जा रहे 167 मानवता भलाई कार्यों के तहत सर्दी के मद्देनजर 106 जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। Salabatpura News

    दोपहर 12 बजे ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ पवित्र नारे के साथ ‘एमएसजी सत्संग भंडारे’ का आगाज हुआ। इसके पश्चात कविराज भाइयों ने विभिन्न भक्तिमय भजनों के माध्यम से सतगुरु जी की महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर मुख्य पंडाल को खूबसूरत लड़ी, रंगोली और गुब्बारों से सजाया गया था।

    सत्संग भंडारे में पहुँची साध-संगत में अद्भुत उत्साह | Salabatpura News

    एमएसजी सत्संग भंडारे में पहुँची साध-संगत में अद्भुत उत्साह देखने को मिला। इस दौरान खुशियों भरे भजनों पर बच्चे, युवा और बुजुर्गों सहित श्रद्धालु नाचते नज़र आए। नामचर्चा सत्संग भंडारे में बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन वचनों को साध-संगत ने एकाग्रचित होकर श्रवण किया। वहीं नशों के खिलाफ संदेश देने वाले पूज्य गुरु जी द्वारा गाए गए भजन ‘आशीर्वाद माओ का’ और ‘जागो देश के लोको’ पर पंडाल में उपस्थित संगत झूम उठी। भीषण सर्दी और बारिश के बावजूद साध-संगत का जोश और उत्साह काबिले-तारीफ रहा। इस अवसर पर नशों से बचने का संदेश देती एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

    नामचर्चा सत्संग भंडारे की समाप्ति पर सेवादारों ने आई हुई साध-संगत को कुछ ही मिनटों में लंगर भोजन खिला दिया। इस दौरान पंडाल, पानी, ट्रैफिक, लंगर-भोजन, चिकित्सा सहित विभिन्न समितियों के सेवादारों ने अपनी ड्यूटियां बखूबी निभाई और साध-संगत की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया।

    सभी धर्मों का सत्कार करते हैं और हमेशा करते रहेंगे: पूज्य गुरु जी

    महान समाज सुधारक सच्चे रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने वचनों में फरमाया कि सच्चे दाता रहबर ने सबसे बड़ी शिक्षा दी है कि रब्ब ने जितने भी समाज, प्रकृति बनाई है उसमें कोई भी दुखी नज़र आए तो हमारे जो भक्त हैं, जिन्हें परमपिता परमात्मा, सतगुरु दाता रहबर ने ‘प्रेमी’ नाम दिया है, वे प्रेमी जाकर उन दीन-दुखियों की मदद किया करें। यानि सच्चा सौदा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि सर्वधर्म के साथ, सर्व जात-पात से ऊँचा उठकर बेगर्ज़ प्यार करना, जिसमें गर्ज़ नहीं होनी चाहिए। इतनी बड़ी शिक्षा परमपिता सच्चे दाता रहबर ने दी और बड़ी खुशी होती है जब करोड़ों साध-संगत उन वचनों को फॉलो कर रही है।

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इस तरह का कार्य करने के लिए प्रेरणादायक रास्ता चुना सार्इं बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने, जिसका नाम रखा गया सच्चा सौदा। और ये हम आपको यकीन के साथ कहते हैं और हम भी वायदा करते हैं, आप भी करें कि सच्चा सौदा सच पर चलता आया है और हमेशा सच पर ही चलता रहेगा। हम भी वायदा करते हैं जब तक शरीर में आखिरी रक्त की बूंद और साँस है सच का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। परमपिता परमात्मा, अल्लाह, वाहेगुरु का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे, उसकी याद में हमेशा लगे रहेंगे और उसकी औलाद के लिए हर वो भला कार्य करेंगे जो समाज में जरूरी है। आपजी ने फरमाया कि हमारी ज़िंदगी की मकसद समाज का भला करना है। सभी धर्मों का सत्कार करते हैं, किसी भी धर्म के बारे में एक शब्द भी गलत बोलने की कल्पना भी नहीं कर सकते।

    1948 से लेकर आज तक कोई भी हमें बताए कि हमने किस धर्म, किस जात की निंदा की है। वैसे बातें बनाने को कोई बनाए जाए वो एक अलग चीज़ है। पर हमारी सत्संगें सुन लो तब से लेकर अब तक सभी रिकॉर्डिड हैं, कहीं भी किसी भी धर्म को हम बुरा नहीं कहते। क्योंकि सभी धर्मों में एक ही शिक्षा है, जो हमारे पवित्र वेदों में शिक्षा दी गई थी, क्योंकि वो पहले बने हैं, उसके बाद आए जितने भी धर्म हैं, समान शिक्षा दी गई है, यानि सबकी सांझी शिक्षा है कि परमपिता परमात्मा को याद करो और हक हलाल, दसां नहुआं दी किरत करके खाओ, मेहनती बनो और कर्मयोगी बनो, ज्ञानयोगी बनो। सभी धर्मों की ये शिक्षा है। Salabatpura News

    धर्मों के अंदर लागू करते हैं, जरूरत करते होंगे, पर हमें गिनती का नहीं पता, हाँ, जो हमारे बच्चे इन्सानियत पर पहरा दे रहे हैं उनका हमें जरूर पता है। छह करोड़ से ऊपर हमारे ये बच्चे उस इन्सानियत की संभाल कर रहे हैं, प्रकृति की संभाल कर रहे हैं, शाबास बच्चों! और शाबास! वो परमपिता परमात्मा शाह सतनाम शाह मस्तान दाता रहबर जिन्होंने ये राह दिखाया और आज वो चलवा रहे हैं और हमेशा चलाते रहेंगे।

    आप जी ने फरमाया कि डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं और यह पूजनीय परम पिता जी की अपार दया, मेहर और रहमत का परिणाम है। आपजी ने फरमाया कि पुराने सत्संगों के दौरान जब एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे, तो रास्ते में कई ट्रकों पर लिखा देखा करते थे, ‘मच्च ना रीस कर’, यह शब्द आजकल पूरी तरह से लागू होते दिखते हैं क्योंकि सभी धर्मों में किसी की भी निंदा नहीं करने की बात कही गई है। जो लोग आज निंदा कर रहे हैं, वे किस धर्म के लोग हैं? Salabatpura News

    आप जी ने फरमाया कि यदि लोग धर्मों को सही से मानने लगें, तो अगले ही पल धरती पर स्वर्ग आ सकता है। लोग धर्मों को तो मानते हैं, लेकिन धर्मों की शिक्षा को नहीं मानते। आप जी ने फरमाया कि सभी का भला करना चाहिए और किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। अपने आस-पास की सफाई भी करनी चाहिए, ताकि यह सफाई की मुहिम शहरों से निकलकर ब्लॉकों और जिलों तक फैल सके और पूरे देश में सफाई मुहिम का आगाज हो।

    आपजी ने फरमाया कि हमारी ज़िंदगी की मकसद समाज का भला करना है। सभी धर्मों का सत्कार करते हैं, किसी भी धर्म के बारे में एक शब्द भी गलत बोलने की कल्पना भी नहीं कर सकते। 1948 से लेकर आज तक कोई भी हमें बताए कि हमने किस धर्म, किस जात की निंदा की है। वैसे बातें बनाने को कोई बनाए जाए वो एक अलग चीज़ है। पर हमारी सत्संगें सुन लो तब से लेकर अब तक सभी रिकॉर्डिड हैं, कहीं भी किसी भी धर्म को हम बुरा नहीं कहते। क्योंकि सभी धर्मों में एक ही शिक्षा है, जो हमारे पवित्र वेदों में शिक्षा दी गई थी, क्योंकि वो पहले बने हैं, उसके बाद आए जितने भी धर्म हैं, समान शिक्षा दी गई है, यानि सबकी सांझी शिक्षा है कि परमपिता परमात्मा को याद करो और हक हलाल, दसां नहुआं दी किरत करके खाओ, मेहनती बनो और कर्मयोगी बनो, ज्ञानयोगी बनो।

    सभी धर्मों की ये शिक्षा है। धर्मों के अंदर लागू करते हैं, जरूरत करते होंगे, पर हमें गिनती का नहीं पता, हाँ, जो हमारे बच्चे इन्सानियत पर पहरा दे रहे हैं उनका हमें जरूर पता है। छह करोड़ से ऊपर हमारे ये बच्चे उस इन्सानियत की संभाल कर रहे हैं, प्रकृति की संभाल कर रहे हैं, शाबास बच्चों! और शाबास! वो परमपिता परमात्मा शाह सतनाम शाह मस्तान दाता रहबर जिन्होंने ये राह दिखाया और आज वो चलवा रहे हैं और हमेशा चलाते रहेंगे।

    आप जी ने फरमाया कि डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं और यह पूजनीय परम पिता जी की अपार दया, मेहर और रहमत का परिणाम है। आपजी ने फरमाया कि पुराने सत्संगों के दौरान जब एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे, तो रास्ते में कई ट्रकों पर लिखा देखा करते थे, ‘मच्च ना रीस कर’, यह शब्द आजकल पूरी तरह से लागू होते दिखते हैं क्योंकि सभी धर्मों में किसी की भी निंदा नहीं करने की बात कही गई है। जो लोग आज निंदा कर रहे हैं, वे किस धर्म के लोग हैं?

    आप जी ने फरमाया कि यदि लोग धर्मों को सही से मानने लगें, तो अगले ही पल धरती पर स्वर्ग आ सकता है। लोग धर्मों को तो मानते हैं, लेकिन धर्मों की शिक्षा को नहीं मानते। आप जी ने फरमाया कि सभी का भला करना चाहिए और किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। अपने आस-पास की सफाई भी करनी चाहिए, ताकि यह सफाई की मुहिम शहरों से निकलकर ब्लॉकों और जिलों तक फैल सके और पूरे देश में सफाई मुहिम का आगाज हो।

    भंडारे की झलकियां | Salabatpura News

    4500 के करीब सेवादारों ने लंगर-भोजन की सेवा निभाई
    500 के करीब सेवादारों ने पानी पिलाने की सेवा निभाई
    सर्दी के चलते साध-संगत के लिए किया गर्म पानी का प्रबंध
    10 प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र बनाए गए
    सर्दी के मद्देनजर जगह-जगह पर अलाव जलाए गए
    दिन चढ़ते ही साध-संगत का आना हुआ शुरू, नामचर्चा सत्संग भंडारे की समाप्ति तक जारी रहा सिलसिला
    भंडारे पर बनाए गए आठ ट्रैफिक ग्राउंड

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