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Monday, March 2, 2026
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    हाईकोर्ट पहुंचे पंजाब पुलिस और नवनीत चतुर्वेदी, कोर्ट ने 4 नवंबर तक दोनों पक्षों से मांगा जवाब

    Chandigarh News
    सांकेतिक फोटो

    नवनीत चतुर्वेदी को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा जारी, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस आमने-सामने

    • चतुर्वेदी ने भी जताया जान का खतरा, गिरफ्तारी से पहले 10 दिन की मोहलत मांगी

    चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद शुरू हुआ नवनीत चतुर्वेदी का विवाद अब तक थमा नहीं है। जयपुर निवासी चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस हर हाल में गिरफ्तार करना चाहती है, जबकि चंडीगढ़ पुलिस उन्हें पंजाब पुलिस के हवाले करने से इनकार कर रही है। पिछले 24 घंटों से नवनीत चतुर्वेदी को सेक्टर-3 थाना में भारी सुरक्षा के बीच रखा गया है। वहीं पंजाब पुलिस ने थाने को चारों ओर से घेरते हुए 40 से अधिक जवान तैनात कर दिए हैं।

    पंजाब पुलिस ने थाने के बाहर अपनी मानव बैरिकेडिंग करते हुए हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सख्ती से जांच शुरू कर दी है, ताकि चतुर्वेदी को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट न किया जा सके। इसी बीच पंजाब पुलिस ने उनकी हिरासत के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जवाब में नवनीत चतुर्वेदी ने भी हाईकोर्ट का रुख किया और खुद को पंजाब पुलिस से जान का खतरा बताते हुए गिरफ्तारी से पहले 10 दिन की मोहलत मांगी। उन्होंने यह भी पूछा कि पंजाब में उनके खिलाफ कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं और किन थानों में।

    विधायकों के समर्थन को लेकर विवाद | Chandigarh News

    नवनीत चतुर्वेदी ने राज्यसभा सीट के लिए दो बार नामांकन दाखिल किया- पहली बार 6 अक्टूबर को केवल 10 विधायकों के नाम दिए गए, जबकि दूसरी बार 13 अक्टूबर को उन्हीं विधायकों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए। आम आदमी पार्टी के विधायकों का आरोप है कि उन्होंने चतुर्वेदी को कोई समर्थन नहीं दिया और न ही हस्ताक्षर किए। इसी विवाद के चलते पंजाब के कई थानों में एफआईआर दर्ज हुई और रोपड़ पुलिस 14 अक्टूबर को चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने चंडीगढ़ पहुंची, जहां चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें सौंपने से साफ इनकार कर दिया।

    दस्तावेज लीक और विधायकों के पलटने का आरोप

    चतुर्वेदी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव अधिकारी ने उनके दस्तावेज लीक कर दिए, जिससे सरकार के दबाव में आकर समर्थक विधायक पीछे हट गए। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया चंडीगढ़ में चल रही है, इसलिए शिकायतें चंडीगढ़ पुलिस को दी जानी चाहिए, न कि पंजाब पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है। उन्होंने पंजाब में दर्ज सभी एफआईआर की प्रतियां और जानकारी भी मांगी है। कोर्ट ने इस मामले में भी पंजाब सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर 4 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।

    चंडीगढ़ में नवनीत चतुर्वेदी को पंजाब ले जाने की जंग अब हाईकोर्ट तक पहुंच चुकी है। पंजाब पुलिस को जहां झटका लगा, वहीं चतुर्वेदी को भी कोई राहत नहीं मिली। दोनों पक्षों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 4 नवंबर तक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पंजाब पुलिस ने मांग की थी कि रोपड़ अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी आदेशों के आधार पर चतुर्वेदी को उनके हवाले किया जाए। लेकिन कोर्ट ने कोई आदेश जारी नहीं किया। Chandigarh News

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