हत्या के मास्टरमाइंड के रूप में गैंगस्टर प्रभ दासूवाल की भूमिका आई सामने, पुरानी दुश्मनी के चलते दिया वारदात को अंजाम: यादव
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh Crime News: वल्टोहा के पूर्व सरपंच झरमल सिंह की हत्या की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझाते हुए कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने प्रभ दासूवाल गैंग को करारा झटका देते हुए गैंग के दो शूटरों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की संगठित अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि पंजाब में सक्रिय अपराधी नर्क में भी नहीं छिप सकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब पुलिस हिंसक गतिविधियों में शामिल हर व्यक्ति को देश में या देश से बाहर किसी भी कोने से पकड़कर कानून के कटघरे में लाएगी।
पुलिस जांच के अनुसार इस हत्या का मास्टरमाइंड गैंगस्टर प्रभ दासूवाल है, जिसने पुरानी दुश्मनी के चलते योजनाबद्ध और लक्ष्यबद्ध तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया। डीजीपी, जिनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक (हेडक्वार्टर) डॉ. सुखचैन सिंह गिल और पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर मौजूद थे, ने बताया कि इस मामले में मिली त्वरित सफलता संगठित अपराध के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के प्रति पंजाब पुलिस के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। Chandigarh News
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच से यह भी सामने आया है कि गोली चलाने वाले और लॉजिस्टिक सहायता देने वाले आरोपी एक-दूसरे को नहीं जानते थे और प्रभ दासूवाल के निर्देशों पर स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे। अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने कहा कि नशा विरोधी मुहिम की सफलता के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार विदेशों में बैठे अपराधियों के प्रत्यर्पण पर ध्यान केंद्रित करते हुए संगठित अपराध के विरुद्ध निर्णायक अभियान शुरू करने जा रही है। उन्होंने सीमावर्ती राज्य से संगठित अपराध के खात्मे के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पंजाब में हिंसक गतिविधियों या गोलीबारी में शामिल हर व्यक्ति को पंजाब पुलिस देश में या देश से बाहर किसी भी कोने से पकड़कर कानून के कटघरे में लाएगी।
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कर रहे थे फर्जी आधार कार्डों का इस्तेमाल
डीजीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने अपराध में शामिल दोनों शूटरों सुखराज सिंह उर्फ गूंगा और करमजीत सिंह की पहचान की। निरंतर अंतर-राज्यीय समन्वय, खुफिया एजेंसी-आधारित ट्रैकिंग तथा केंद्रीय एजेंसियों और छत्तीसगढ़ पुलिस के करीबी सहयोग से दोनों शूटरों को रायपुर, छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पंजाब और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में जानबूझकर ठिकाने बदल रहे थे और अपनी पहचान छिपाने व गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी आधार कार्डों का इस्तेमाल कर रहे थे। Chandigarh News
डीजीपी ने बताया कि एक अन्य पुलिस टीम ने एसएसओसी मोहाली की मदद से दो अन्य आरोपियों (दोनों का नाम जोबनप्रीत सिंह) को मोहाली से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी को वल्टोहा से गिरफ्तार किया गया, जबकि कुलविन्द्र सिंह उर्फ किंदा और अरमानदीप सिंह को तरनतारन के भिखीविंड क्षेत्र से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि इन पांचों आरोपियों ने शूटरों को रसद, पनाह, हथियार और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराकर साजिश में अहम भूमिका निभाई थी।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुखराज सिंह उर्फ गूंगा (20) निवासी ठक्करपुरा, तरनतारन; करमजीत सिंह (23) निवासी गांव पसनावाल, गुरदासपुर; जोबनप्रीत सिंह (19) निवासी गांव भाई लद्धू, तरनतारन; हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी (27) निवासी गांव बहादर नगर, तरनतारन; जोबनप्रीत सिंह (20), कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा़ (20) और अरमानदीप सिंह (18) तीनों निवासी गांव कलसियां कलां, तरनतारन के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सुखराज सिंह उर्फ गूंगा की आपराधिक पृष्ठभूमि है और उसके विरुद्ध चोरी तथा आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं,
तथा वह सरपंच राजविन्द्र सिंह उर्फ राज की हत्या के केस में भी शामिल रहा है। डीजीपी ने कहा कि जांच से पता चला है कि गैंगस्टर प्रभ दासूवाल की मृतक पूर्व सरपंच से पुरानी दुश्मनी थी और उसने पहले भी उस पर फायरिंग की थी, जो स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित और साजिशन हमले की ओर संकेत करती है। उन्होंने बताया कि इस केस को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया गया और जांच के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया था। Chandigarh News
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