
Leopard Panic: नाथूसरी चोपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)। राजस्थान सीमा से सटे चोपटा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर बनी दहशत के बीच गांव शाहपुरिया में राहत की खबर सामने आई है। ग्रामीणों द्वारा तेंदुआ देखे जाने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन्य जीव विभाग की टीम ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि खेतों में मिले पांव के निशान तेंदुए के नहीं, बल्कि गीदड़ के हैं। गांव शाहपुरिया में वीरवार शाम खेतों में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलते ही गांव के मंदिर के लाउडस्पीकर से मुनियादी करवाई गई। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और खेतों की ओर तलाश शुरू की गई। Sirsa Leopard News
ग्रामीणों ने गिगोरानी रोड की ओर खेतों में पांव के निशान होने की बात कही
ग्रामीणों ने शाहपुरिया से गिगोरानी रोड की ओर खेतों में पांव के निशान होने की बात कही, जिससे गांव में डर का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन्य जीव विभाग की टीम गांव पहुंची और खेतों में मिले पांव के निशानों की फोटो लेकर उच्च अधिकारियों को भेजी। जांच के बाद विभाग ने पुष्टि की कि ये निशान किसी तेंदुए के नहीं, बल्कि गीदड़ के हैं, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि बीते करीब एक माह से राजस्थान और हरियाणा की सीमा से सटे इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर लगातार सूचनाएं सामने आ रही हैं। सबसे पहले राजस्थान के तारानगर क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की खबर आई थी। इसके बाद भादरा तहसील के साहूवाला गांव, कागदाना और नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में भी पांव के निशान मिलने की सूचनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके चलते सीमावर्ती गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।
गांव शाहपुरिया में जंगली जानवर के आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। खेतों में जो निशान ग्रामीणों द्वारा दिखाए गए, उनकी जांच में वे गीदड़ के पांव के निशान पाए गए। ग्रामीणों से अपील है कि किसी भी जंगली जानवर की सूचना मिलने पर तुरंत वन्य जीव विभाग को सूचित करें।
—जयविंद्र सिंह नेहरा, जिला वन्य जीव अधिकारी Sirsa Leopard News














