
सेवादारों को प्रशासन के साथ मिलकर हर संभव मदद का किया आह्वान
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Sirsa News: इंसानियत की सच्ची सेवा का प्रतीक डेरा सच्चा सौदा समाज भलाई के कार्यों में सदैव अग्रणी रहता है। जब भी किसी प्रकार की आपदा देश में कहीं भी आती है, डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत अपने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के मार्गदर्शन में बढ़-चढ़कर सेवा के लिए आगे आती है।
रविवार को डेरा सच्चा सौदा सरसा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से भीषण बाढ़ की मार झेल रहे पंजाब सहित देश के कई राज्यों ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के मनाली में बाढ़, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लैंड स्लाइड से प्रभावित लोगों की जानमाल व सुरक्षा-सलामती के लिए व जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में बादल फटने और वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए लैंड स्लाइड (भूस्खलन) में मृत लोगों की आत्मिक शांति के लिए ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ का नारा बोलकर प्रार्थना की। Sirsa News
‘मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है’
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इस कठिन समय में हम बाढ़ पीड़ितों के दु:ख में पूरी इंसानियत की भावना से साझेदार हैं। उनकी पीड़ा हम सबकी पीड़ा है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हजारों गाँवों में लाखों एकड़ खेती की जमीन भी प्रभावित हुई और असंख्य परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। किसानों की फसल और पशुधन का भी बड़ा नुकसान हुआ है। हम प्रशासन से भी निवेदन करते हैं कि राहत और बचाव कार्य और तेज किए जाएं तथा प्रभावित परिवारों और किसानों के लिए मुआवजा और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए। Sirsa News
पूज्य गुरु जी ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ और पुलिस के वीर जवानों को भी साधुवाद कहा व आभार प्रकट किया, जो दिन-रात राहत एवं बचाव कार्यों में लगे हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने साध-संगत व जिम्मेवारों को प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने का आह्वान किया। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जरूरत के समय एक-दूसरे की सहायता करना ही सच्ची इंसानियत है।
आपजी ने फरमाया कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार व शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी पहले से ही पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे हुए हैं। अब सेवादार प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ राहत कार्य को और अधिक गति देंगे। पूज्य गुरु जी ने साध-संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।