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    सर छोटूराम का किया नमन

    Jubilee

    किसानों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने के लिए जाना जाता था

    झज्जर (सच कहूँ न्यूज)। शनिवार को गाँव भदाना की (Jubilee) चौपाल में भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व उनकी बेटी अंशुल शर्मा ने मिलकर दीनबंधु सर चौ. छोटूराम की 139वीं जयंती की पूर्व संध्या पर उनका एक विशाल रेखाचित्र बनाया। दीनबंधु सर चौ. छोटूराम का जन्म 24 नवंबर, 1881 में हरियाणा के एक छोटे से गाँव गढ़ी सांपला में बहुत ही साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासन में किसानों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने के लिए जाना जाता था। वे पंजाब प्रांत के सम्मानित नेताओं में से थे और उन्होंने 1937 के प्रांतीय विधानसभा चुनावों के बाद अपने विकास मंत्री के रूप में कार्य किया।

      नैतिक साहस की मिसाल और किसानों का मसीहा माना जाता था

    • उन्हें दीनबंधू भी कहा जाता है।
    • उनका असली नाम रिछपाल था और वो घर में सबसे छोटे थे
    • इसलिए उनका नाम छोटू राम पड़ गया।
    • उन्होंने अपने गाँव से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में स्कूली शिक्षा ली
    • और सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही अखबार में काम करने से लेकर वकालत भी की।

    काले कानूनों से दिलाई निजात

    • सर छोटूराम को साल 1930 में दो महत्वपूर्ण कानून पास कराने का श्रेय दिया जाता है।
    • इन कानूनों के चलते किसानों को साहूकारों के शोषण से मुक्ति मिली।

    ये कानून थे पंजाब रिलीफ इंडेब्टनेस, 1934 और द पंजाब डेब्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 1936. इन कानूनों में कर्ज का निपटारा किए जाने, उसके ब्याज और किसानों के मूलभूत अधिकारों से जुड़े हुए प्रावधान थे। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के सांपला में सर छोटूराम की 64 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था।
    चौपाल रंगोली में पूर्व सैनिक देवी दत्त शर्मा, सूबेदार सुभाष शर्मा, रामवतार शर्मा, रमेश कौशिक, ओमपाल कौशिक, वेदपाल कौशिक, कौशिल्या देवी, माया देवी, बबिता शर्मा, केशव शर्मा, अर्जुन शर्मा, अलीशा शर्मा आदि ने उपस्थित रहकर दीनबंधु सर चौ. छोटूराम जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

     

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