हरियाणा: ई-टेंडरिंग के विरोध में उतरे सरपंच, खंड कार्यालयों में जड़े ताले, अनिश्चितकालीन धरने पर सरपंच

protest

सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। हरियाणा में नवनिर्वाचित सरपंचों की वित्तीय शक्ति बढ़ाने, ई टेंडरिंग प्रणाली को बंद करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रदेश भर में सरपंचों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों की तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं। आज शुरू हुए धरने का फैसला काल पंचायत मंत्री देवेन्द्र सिंह बबली के गृह कस्बा टोहाना में सरपंचो की राज्य स्तरीय धरना व बैठक में लिया गया था।

यह भी पढ़ें:– आधार कार्ड की प्रमाणिकता की होगी जांच

क्या है मामला

सिरसा के खंड ओढ़ां में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के समक्ष तालाबंदी कर बैठे मलिकपुरा के सरपंच अवतार सिंह ने बताया कि सरकार को चाहिए कि सरपंचो पर विश्वास करते हुए उनकी वित्तीय शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ उनके मानदेय में बढ़ोतरी करें। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर नवनिर्वाचित सरपंच परेशान कर रही है। उन्होंने बताया कि यह धरना प्रदेश सरपंच एसोसिएशन के आह्वान पर दिया जा रहा है। रोहिडावली के सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली का व्यवहार सरपंच के प्रति सही नहीं है उन्होंने कहा कि अगर सरकार वाक्य में ही गांव का विकास चाहती है तो सरपंचों की वित्तीय शक्ति में बढ़ोरी करें। उन्होंने कहा कि ई टेंडरिंग प्रणाली को तुरंत प्रभाव से वापिस लेना चाहिए। इसी तरह असीर के सरपंच मलकीत सिंह ने बताया कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here