जिला विज्ञान विशेषज्ञ बोले- प्रयोग आधारित शिक्षा से बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच
Science Education in Sirsa: सरसा (सुनील वर्मा)। सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को अधिक रोचक, प्रयोगात्मक और नवाचार आधारित बनाने के लिए शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। सरसा जिले में इन पहलों को धरातल पर उतारने में जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिले के गांव कर्मगढ़ में जन्मे डॉ. मुकेश कुमार ने प्रारंभिक शिक्षा गांव पंजुआना से प्राप्त की और बाद में दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से एप्लाइड केमिस्ट्री में पीएचडी की। Sirsa News
वर्तमान में वे जिले के स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों, प्रशिक्षणों और नवाचार गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत सरसा जिले के प्रदेश में सबसे अधिक 100 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। जिले में 52 स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब होंगी। विज्ञान शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों और विभाग की योजनाओं को लेकर उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश प्रस्तुत हैं।
सवाल: विद्यार्थियों के लिए विज्ञान से जुड़े कौन-कौन से कार्यक्रम उपलब्ध हैं?
जवाब: विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनमें साइंस सिटी कपूरथला का शैक्षणिक भ्रमण, इंस्पायर अवार्ड मानक, जिला स्तरीय क्विज व निबंध प्रतियोगिता, साइंस सेमिनार, विज्ञान नाटक, राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, बुनियाद और सुपर-100 प्रोग्राम, नेशनल चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस, इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल, साइंस ओलिंपियाड और यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम (युविका) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
सवाल: इंस्पायर अवार्ड मानक योजना क्या है? | Sirsa News
जवाब: यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में कम उम्र से ही वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करना है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी अपने मौलिक वैज्ञानिक आइडिया आॅनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेज सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों को अपने मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके बाद वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में भाग लेते हैं।
सवाल: बुनियाद प्रोग्राम का उद्देश्य क्या है?
जवाब: बुनियाद प्रोग्राम हरियाणा सरकार द्वारा विकल्प फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रारंभिक स्तर से तैयार करना है। सरसा जिले में यह कार्यक्रम पांच केंद्रों, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरसा, नाथूसरी चोपटा, ऐलनाबाद, डबवाली और पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओढ़ां में संचालित हो रहा है।
सवाल: सुपर-100 प्रोग्राम किस प्रकार विद्यार्थियों की मदद करता है?
जवाब: सुपर-100 प्रोग्राम के तहत सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को नीट और आईआईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय नि:शुल्क कोचिंग दी जाती है। चयनित विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और खाने की सुविधा भी सरकार द्वारा दी जाती है। राजकीय विद्यालयों में पढ़ रहे वे विद्यार्थी जो 10वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं और 11वीं कक्षा में विज्ञान संकाय लेना चाहते हैं, वे इस प्रोग्राम की चयन परीक्षा में भाग ले सकते हैं। इस योजना से कई विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। उदाहरण के तौर पर गांव मुन्नावाली के प्रवीन ने सुपर-100 के माध्यम से तैयारी कर आईआईटी दिल्ली में प्रवेश पाया और आज वह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में लगभग 18 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर कार्यरत है।
सवाल: विज्ञान प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा रहा है?
जवाब: विभाग की ओर से स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि कक्षा 9 से 12 तक की विज्ञान कक्षाएं प्रयोगशालाओं में लगाई जाएं। वहीं कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को साइंस किट्स के माध्यम से प्रयोग करवाए जाते हैं और उनका रिकॉर्ड लॉग बुक में दर्ज किया जाता है। समय-समय पर विभागीय अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण भी करते हैं।
सवाल: राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में सरसा की क्या उपलब्धि रही?
जवाब: राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। इस वर्ष एफएफवीआरडी राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डबवाली की छात्रा गजल के वैज्ञानिक मॉडल ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हमारा प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थी इन मंचों का लाभ उठाएं।
प्रोफाइल
नाम: डॉ. मुकेश कुमार
पद: जिला विज्ञान विशेषज्ञ, सरसा
जन्म: 7 अक्टूबर 1986, गांव कर्मगढ़ (सरसा)
शिक्षा: दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से एप्लाइड केमिस्ट्री में पीएचडी
हमारा लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी विज्ञान को किताबों तक सीमित न रखे, बल्कि प्रयोग और नवाचार के माध्यम से उसे जीवन में उतारे।
—डॉ. मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, सरसा। Sirsa News















