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    अब वैज्ञानिकों ने भी माना, गुरु जी के वचन हो रहे सच साबित… | Benefits of Family Dinners

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    सरसा (सच कहूँ न्यूज)। संतों का एक ही उद्देश्य होता है समाज का भला करना। संतो को  हर जीव की फिक्र होती है। उन्हें हर जीव का अच्छा बुरा पता होता है। वह अपने हर करम से हर जीव का भला करते रहते हैं। पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Baba Ram Rahim) हमेशा से देश व दुनिया के लोगों को सही राह दिखाते हुए उन्हें प्रभु की कृपा दृष्टि के काबिल बना रहे हैं। पूज्य गुरु जी ने लोगों को समझाने के लिए हर वह तरीका अपनाया है जो लोगों को आसानी से पसंद आता है और जिस पर चलकर लोग अपनी जिंदगी को खुशनुमा बना रहे हैं। बात चाहे फिल्मों की करें, गानों की या मानवता भलाई कार्य करवाने की। इन सब माध्यमों से पूज्य गुरु जी ने लोगों को अच्छा करने की प्रेरणा दी है। The importance of eating together

    वहीं देश-दुनिया के लोग धीरे-धीरे पूज्य गुरु जी द्वारा बताये जा रहे कार्य को (Benefits of Family Dinners) अपना रहे हैं। आज हम आपको एक ऐसी खबर से अवगत कराने जा रहे हैं जो पूज्य गुरु जी ने पहले ही साध-संगत को मानवता भलाई के कार्यों के जरिये करवा दिया था। पूज्य गुरु जी ने परिवार में खुशहाली बनी रहे, इसके लिए प्रतिदिन नहीं तो कम से कम सप्ताह में एक दिन जरूर पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाए। वहीं अब वैज्ञानिकों की रिसर्च में भी यह पाया गया है एक साथ खाना खाने से बहुत फायदे होते हैं, आइयें पढ़ते हैं वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में क्या पाया।

    कनाडा के शोधाकर्ताओं द्वारा दिए गए रिव्‍यू के अनुसार, रोज परिवार के साथ डिनर करने से ईटिंग डिस्‍आॅर्डर से जुड़ी समस्‍याएं, शराब और अन्‍य पदार्थ की लत से बचा जा सकता है। ये किशोरों में आक्रामक व्‍यवहार, डिप्रेशन और आत्‍महत्‍या के खतरे को काफी कम करता है। यंग फीमेल प्रति‍भागियों को परिवार के साथ खाने से अधिक लाभ मिलते हैं।

    पूज्य गुरु जी ने शुरू करवाया पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाए | Benefits of Family Dinners

    परिवार में खुशहाली बनी रहे, इसके लिए प्रतिदिन नहीं तो कम से कम सप्ताह में एक दिन जरूर पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाए। इस मौके पूज्य गुरु जी ने 150वें कार्य के तहत साध-संगत के साथ खुद लंगर-भोजन ग्रहण कर इस शुभ कार्य की शुरूआत की। आज पूज्य गुरु जी के वचनों अनुसार देश के विभिन्न राज्यों हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्टÑ समेत देश विदेश की साध-संगत परिवार के संगत भोजन ग्रहण करती है।

    बच्चों की टीवी या मोबाइल देख कर खाना खाने की आदत को कैसे छुड़ाएं

    परिवार के साथ खाना खाने के फायदे | Benefits of eating

    जेएएमए नेटवर्क ओपन की एक स्‍टडी में सामने आया है कि परिवार के साथ खाने से खासतौर पर किशोर अच्‍छी डायट लेते हैं। जो टीनएज बच्चे अपने परिवार के साथ खाते हैं, उनके फास्‍ट फूड और मीठे बेवरेज खाने की तुलना में फल और सब्जियां खाने की संभावना अधिक होती है।

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    गंभीर मानसिक समस्‍याओं से बचाव | Benefits of eating

    कनाडा के शोधाकर्ताओ द्वारा दिए गए रिव्‍यू के अनुसार, रोज परिवार के साथ डिनर करने से ईटिंग डिस्‍आॅर्डर से जुड़ी समस्‍याएं, शराब और अन्‍य पदार्थ की लत से बचा जा सकता है। ये किशोरों में आक्रामक व्‍यवहार, डिप्रेशन और आत्‍महत्‍या के खतरे को काफी कम करता है। यंग फीमेल प्रति‍भागियों को परिवार के साथ खाने से अधिक लाभ मिलते हैं।

    मोटापा नहीं होता ​मोटापा नहीं होता | Benefits of eating

    आपको जानकर हैरानी होगी कि परिवार के साथ खाना खाने से बच्‍चों एवं किशोंरों में मोटापे और वजन से संबंधित समस्‍याओं का खतरा कम रहता है। जरनल आॅफ पीडियाट्रिक्‍स में प्रकाशिक अध्‍ययन में किशोरों के परिवार के साथ खाने और मोटापे या वजन से जुड़ी समस्‍याएं 10 साल देरी से आती हैं। इस स्‍टडी में कहा गया है कि परिवार को हफ्ते में कम से कम एक या दो बार साथ बैठकर डिनर करना चाहिए। इससे बच्‍चों को आगे चलकर मोटापे का खतरा कम रहता है।

    ​बच्‍चों में बढ़ता है आत्मसम्मान

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    स्‍टैनफोर्ड चिल्‍ड्रन हैल्‍थ के विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार के साथ खाना खाने से बच्‍चों का आत्‍मविश्‍वास बढ़ने में मदद मिल सकती है। खाने की टेबल पर बच्‍चों से उनके दिन के बारे में पूछें और उनकी बात सुनें। इससे बच्‍चों को एहसास होगा कि उनके विचार भी महत्‍व रखते हैं जिससे उनमें आत्‍मविश्‍वास बढ़ता है।

    ​कम्‍युनिकेशन स्किल बेहतर होती है

    2018 में कनाडा की स्‍टडी में पाया गया कि जो बच्‍चे छोटी उम्र से ही परिवार के साथ खाना खाते हैं, उनमें साल की उम्र से 10 साल की उम्र तक सकारात्‍मक लाभ देखे गए। परिवार के साथ बातें साझा करने से बच्‍चों के बीच बेहतर कम्‍युनिकेशन हो पाता है।

    रोज 150 ग्राम दाल, बींस का सेवन करें

    आपको बता दें कि पीएलओएस मेडिसिन का शोध कहता है कि जिन लोगों के भोजन में बींस, दालें और फलियां जैसी चीजें शामिल होती है उन्हें कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है और हार्टअटैक, स्ट्रोक, डायबिटीज का खतरा भी कम रहता है।

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