हमसे जुड़े

Follow us

11.7 C
Chandigarh
Saturday, February 7, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा आपसे हूं मैं,...

    आपसे हूं मैं, मुझसे हैं आप, एक दूसरे को सही से समझेंगे तो होगा सबका सर्वांगीण विकास- अनिल मलिक

    Kharkhoda News
    आजादी का अमृत महोत्सव की श्रंखला में जिला बाल कल्याण परिषद् द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया।

    खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। आजादी का अमृत महोत्सव की श्रंखला में जिला बाल कल्याण परिषद् द्वारा मंगलवार को (Kharkhoda News) गढ़ी ब्राह्मïणान स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में परवरिश की नई पहचान सॉफ्ट स्किल्स का विकास बच्चों को सशक्त बनाना विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक ने बतौर मुख्यातिथि उपस्थित माता-पिता, अभिभावकों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे हम वेशभूषा व परिधान बदलते हैं उसी तरह से परवरिश की नई पहचान कायम करने हेतु सॉफ्ट स्किल को सीखना होगा। बच्चों में सॉफ्ट स्किल विकसित करके उन्हें भी सशक्त बनाना होगा, इन्हें हम पावर स्किल भी कहते हैं।

    यह भी पढ़ें:– भूख मिटने से पहले मिट गई जिंदगी, बोलेरो और ट्रक की भीषण टक्कर में तीन की मौत

    मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी ने कहा कि पावर स्किल कुदरती गुण होते हैं, इन्हें पुस्तकों से नहीं बल्कि व्यवहारिक आचरण द्वारा विकसित किया जा सकता है, जैसे संप्रेषण कला, श्रवण कौशल, सृजनात्मकता, समस्या निवारण, टीम कौशल, परिवर्तनशीलता, तर्कसंगतता इत्यादि। (Kharkhoda News) उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में ये सब इसलिए भी जरूरी हैं कि सॉफ्ट स्किल बेहतर हो तो वर्कप्लेस और घर के माहौल में सकारात्मक बदलाव आरंभ से ही महसूस किया जा सकता है। उन्होंनेे कहा कि जितना सिखोगे, खुद को विकसित करोगे, खुद को चमकाओगे, आपका निजी व व्यवसायिक जीवन उतना ही बेहतर होता जाएगा।

    श्री मलिक ने कहा कि हमें व्यवहारकुशल, अनुशासित व मित्रवत परवरिश कौशल सीखना होगा। परवरिश का असली मतलब हम जो हैं हमें जो प्रकृति ने दिया है क्या हम पूरी ईमानदारी से बच्चों को दे रहे हैं। (Kharkhoda News) उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण समय दीजिए, उन्हें धैर्यपूर्ण, ध्यानपूर्वक सुने, कही गई बातों को समझें। तीन पायदान से समस्या का समाधान संभव है संवाद, समानुभूति और सक्रियता।

    इस दौरान परामर्शदाता नीरज कुमार ने कहा कि माता-पिता द्वारा बच्चों के साथ निरंतर बातचीत का क्रम टूटने ना पाए। उनके हाव-भाव व कहे गए शब्दों को धैर्य से समझें, फिर उनका उचित मार्गदर्शन करें। इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा, प्राचार्या डॉ० सुमनलता, संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थानिक) आरती बल्हारा, कार्यक्रम अधिकारी संदीप, सहायक कार्यक्रम अधिकारी धर्मपाल, आजीवन सदस्य नीरज कुमार, परामर्शदात्री इंदु, राजीव सहरावत, दिलावर लठवाल, स्कूल प्रवक्ता रेखा व प्राइमरी हेड जगबीर सिंह सहित बच्चों के अभिभावक व शिक्षकगण भी मौजूद रहे।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here