हमसे जुड़े

Follow us

19.7 C
Chandigarh
Saturday, February 28, 2026
More
    Home राज्य पंजाब फाजिल्का में ...

    फाजिल्का में पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन ने जिला भलाई अफसर का फूंका पुतला

    Fazilka News
    पुतला फूंककर रोष जताते स्टूडेंट्स यूनियन के नेता और सदस्यगण।

    स्कॉलरशिप रोककर रखने के विरोध में की नारेबाजी | Fazilka News

    • विद्यार्थियों ने कहा, पूरे प्रदेश में आचुकी स्कॉलरशिप | Fazilka News

    फाजिल्का (सच कहूँ/रजनीश रवि)। पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा स्कॉलरशिप (Scholarship) रोककर रखने के विरोध में एमआर सरकारी कॉलेज फाजिल्का में जिला भलाई अफसर अशोक कुमार और पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया। इस मौके पर विद्यार्थी नेता कमलजीत मुहार खीवा और प्रवीन कौर, दिलकरन और आदित्य ने कहा कि भलाई अफसर द्वारा लंबे समय से ही कॉलेज की स्कॉलरशिप रोकी हुई है। जिस कारण कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज को आगे बढ़िया रास्ते पर डाल सकती है, परंतु सरकार गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाना नहीं चाहती। Fazilka News

    उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के आसरे ही आज कई गरीब विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। सरकारें और कुछ जातिवादी मानसिकता वाले प्रशासन के अधिकारी इसको खत्म करने पर लगे हुए हैं, ताकि कोई गरीब विद्यार्थी इस स्कीम के अंतर्गत पढ़ लिखकर आगे न बढ़ सके।

    उन्होंने कहा कि इस बारे में पूरे पंजाब के कॉलेजों में स्कॉलरशिप आ चुकी है, परंतु एमआर सरकारी कॉलेज में स्कॉलरशिप जारी नहीं की गई। फाजिल्का के भलाई अफसर अशोक कुमार इसके सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। क्योंकि सिर्फ उनके द्वारा ही स्कालरशिप जारी नहीं की गई। उन्होंने बताया कि फाजिल्का का इलाका बॉर्डर पट्टी होने के कारण सबसे अधिक गरीब परिवार यहां रहते हैं। जिनके पास कोई भी बढ़िया कामकाज नहीं है। फाजिल्का का एकमात्र एमआर सरकारी कॉलेज है, जहां सबसे अधिक एससी विद्यार्थी पढ़ते हैं। जो पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के अंतर्गत ही अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। Fazilka News

    उन्होंने नेताओं ने मांग की है कि कॉलेज की रुकी हुई स्कॉलरशिप जल्दी जारी की जाए और भलाई अफसर अशोक कुमार पर एससी-एसटी के अंतर्गत पर्चा दर्ज किया जाए। साथ ही कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर स्कॉलरशिप जारी नहीं की जाती तो भलाई अफसर अशोक कुमार अगले संघर्ष के लिए तैयार हो जाएं।

    यह भी पढ़ें:– ‘महिला उत्थान के बगैर विकसित राष्ट्र की कल्पना असंभव’

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here