कैसे बनें सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सैलरी जानकर चौंक जाओगे | software engineer kaise bane

software engineer kaise bane

आजकल एक चीज जो सबके हाथ में है वो है मोबाइल। टेक्नोलॉजी के इस दौर में कंप्यूटर और मोबाइल चलाना आम बात है। पर इन यंत्रों में जान एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर फूंकता है! मतलब इनमे चलने वाली एप्लीकेशन को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाता है। इस लेख में आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें और सैलरी कितनी होगी की जानकारी सहज भाषा मिल जाएगी। हम इन प्रश्नों के उत्तर दे कर समझाते हैं –

1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्या होता है?
2. सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें (software engineer kaise bane)?
3. 12वीं के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें (How to become software engineer after 12th)?
4. सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है (software engineer ki salary kitni hoti hai)?
5. क्या आर्ट्स लेकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं (how to become a software engineer
after 12th arts)?
6. दसवीं के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें (how to become a software engineer after
10th)?
7. क्या बिना डिग्री के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं (how to become a software engineer
without a degree)?

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  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्या होता है?

सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें जानने के लिए पहले जानिए की सॉफ्टवेयर होता क्या है? एक कंप्यूटर में जो आपको दिखता है यानी मॉनिटर, माउस, सीपीयू आदि हार्डवेयर कहलाते हैं। सॉफ्टवेयर निर्देशों या प्रोग्राम का समूह है जो हार्डवेयर को क्या करना है यह बताने में सहायता करते हैं। आसान सी भाषा में सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर के अंदर होता है जो इसको चलाने में मदद करते हैं।

तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम होता है इन निर्देश समूह, जिन्हे प्रोग्राम कहते हैं, को बनाना या लिखना। यानी प्रोग्रामिंग करना। प्रोग्रामिंग के  अलावा सॉफ्टवेयर को विकसित करना, सॉफ्टवेयर टेस्ट यानी परीक्षण करना, उनका विश्लेषण करना आदि।

कंप्यूटर और लैपटॉप के अलावा मोबाइल एप्लीकेशन बनाना भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर का ही काम है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें और सैलरी कितनी होगी यह जानने के लिए लेख को पढ़ें।

  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें?

सबसे सामान्य धारणा यही है की बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस कोर्स में एडमिशन लेने के बाद आप कंप्यूटर इंजीनियर या अधिक प्रचलन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनें। सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें(software engineer kaise bane) के लिए जो बातें आपको ध्यान रखनी हैं वो हैं-

  • बारहवीं में साइंस एवं मैथ्स विषय होने चाहिए।
  • बारहवीं में 60% या उससे अधिक नंबर हों।
  • इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेना।
  • प्रैक्टिकल नॉलेज और अनुभव होना।

परंतु भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए चार प्रकार के कोर्स होते हैं

  • डिप्लोमा
  • डिग्री(B.Tech/B.E./BCA)
  • मास्टर्स डिग्री (M.Tech)
  • hd

इसके अलावा आप इनमे से किसी भी कोडिंग लैंग्वेज यानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे

  • C, C++
  • जावा (Java)
  • पीएचपी (PHP)
  • ओरेकल (Oracle)
  • एचटीएमएल (HTML)
  • पायथन (Python)

आदि में पारंगत होने ही चाहिए।

  1. 12वीं के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें

अगर आप सोच रहें हैं की12वीं के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें(How to become software engineer after 12th) तो इस बिंदु को पढ़ें। 12वीं में आपके पास साइंस और मैथ्स होना चाहिए। उसके बाद इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए निम्न प्रवेश परीक्षा देनी होती हैं

  • जेईई एडवांस
  • जेईई मेन

इन प्रवेश परीक्षा को देने पर आपका एडमिशन इंजीनियरिंग में हो सकता है। इन परीक्षा से आप भारतीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं।how to become a software engineer in india के लिए यहां हम आपको भारतीय विश्वविद्यालयों की एक सूची दे रहे हैं

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दिल्ली
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मद्रास
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, रोपड़
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, जोधपुर
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, रुड़की
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कानपुर
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी
  • थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
  • वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, वेल्लोर।
  • स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, अमृता विश्व विद्यापीठम।
  • एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई।
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा।
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी
  • कोलकाता यूनिवर्सिटी
  • मणिपाल एकेडमी ऑफ़ हाईयर एजूकेशन
  • बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • होमी भाभा नेशनल यूनिवर्सिटी

आप कंप्यूटर साइंस या आईटी में से कोई भी स्ट्रीम चुन सकते हैं। यह कोर्स चार साल का होता है।

विदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने? तो आप यूएसए, ऑस्ट्रेलिया या और भी दूसरे देशों से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर सकते हैं। उसके लिए आपको TOEFL, GRE, IELTS आदि एक्जामों की तैयारी करनी होगी। ऑक्सफोर्ड, हावर्ड, स्टैनफोर्ड, काल्टेक, कैंब्रिज, प्रिंसटन,कोलंबिया विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर आप उनके प्रोग्राम्स के बारे में अधिक जानकारी ले सकते हैं।

इसके अलावा सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने? तो आप BCA भी कर सकते हैं। BCA यानी बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन। BCA के बाद आप इसमें मास्टर्स यानी MCA भी कर सकते हैं।

कॉलेज में एडमिशन लेने से एक चीज को लेकर निश्चिंतता होती है। और वो है रोजगार। कंपनियां कॉलेज में फ्रेशर रिक्रूटमेंट के लिए आती हैं। मन लगाके पूरे फोकस से पढ़ाई करें, कंपनीज आपको जरूर चुनेंगी। नौकरी लगने पर आपको अच्छा पैकेज भी मिल सकता है।

अब आगे जाने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है (salary of software engineer)।

  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है

सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने यह तो आपने जान लिया। अब सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है (salary of software engineer in india) यह भी जान लीजिए। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बहुत जल्दी इस उद्योग में तरक्की करता है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर के प्रदर्शन एवं निष्पादन के ऊपर है की आपकी सैलरी (salary of a software engineer )कितनी होती है। भारत आज के समय में स्टार्टअप्स का गढ़ बन चुका है। इससे यहां आईटी क्षेत्र में रोजगार बढ़ा है।

फ्रेशर – फ्रेशर यानी वो विद्यार्थी जिन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कोर्स पूरा हाल ही पूरा किया हो। फ्रेशर्स को इंडस्ट्रियल यानी औद्योगिक समझ नहीं या कम होती है। भारत में फ्रेशर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी (salary of a software engineer) का पैकेज 10,000 से 30,000 रुपए से शुरू होता है। स्टार्टअप्स की वजह से फ्रेशर्स को अब घबराने की जरूरत नहीं। स्टार्टअप्स ने भारत में इस क्षेत्र के लिए रोजगार सृजन किया है।

  • 2 या 3 साल का अनुभव –कुछ अनुभव होने पर औसतन  40 से 45,000 रुपए की शुरुआती सैलरी सोफ्टवेयर इंजीनियर की होती है।
  • 3 साल से अधिक का अनुभव – 80,000 रुपए से शुरू हो कर यह चालीस लाख और उससे भी ज्यादा हो सकता है।
  • मल्टीनेशनल कंपनी यानी एमएनसी में आप एक बहुत अच्छे पैकेज के साथ अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर का करियर शुरू कर सकते हैं।

भारत से बाहर तो आपकी सैलरी शुरू ही लाखों से होती है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें और सैलरी कितनी होगी (salary of software engineer in india) यह जान कर शायद आपको कुछ निश्चिंतता और संतुष्टि इस प्रोफेशन को लेकर हुई होगी।

  1. क्या आर्ट्स लेकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं 

अगर बारहवीं में आपके पास आर्ट्स है और आप सोच रहे हैं की क्या आर्ट्स लेकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं(how to become a software engineer after 12th arts) तो इसका उत्तर है हां। हैरान मत होइए क्योंकि यह संभव है। आपके पास कई विकल्प हैं। आइए जानें  

 how to become a software engineer in india के लिए आपको कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा के कोर्स के लिए आवेदन करना होगा। डिप्लोमा का कोर्स करने के लिए आप निम्न पॉलीटेक्निक कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं

  • गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक मुंबई
  • देश भगत विश्वविद्यालय, पंजाब
  • पूसा प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी
  • रयात इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पंजाब
  • जीडी गोयनका विश्वविद्यालय (कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में डिप्लोमा), गुड़गांव, दिल्ली एनसीआर
  • यमुना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, चंडीगढ़
  • श्री भगुभाई मफतलाल पॉलिटेक्निक, महाराष्ट्र
  • जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा, उत्तर प्रदेश
  • महात्मा ज्योति राव फुले विश्वविद्यालय, जयपुर, राजस्थान
  • टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी, कोलकाता

डिप्लोमा कोर्स को करने के लिए आपके पास दसवीं में मैथ्स और साइंस में कम से कम 50% अंक होना आवश्यक होता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें और सैलरी कितनी होगी के बारे में और जानकारी लेते हैं।

  1. दसवीं के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें

अगर आप सोच रहे हैं की दसवीं के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें(how to become a software engineer after 10th)? तो इसका उत्तर इसी लेख में है। how to become a software engineer after 10th का उत्तर आगे पढ़ें। दसवीं के बाद आप ITI (आईटीआई) का कोर्स कर सकते हैं। आईटीआई के कोर्स में आप टेक्निकल और नॉन टेक्निकल दोनों तरह की स्किल्स विकसित करते हैं। आईटीआई के कोर्स आपको नीचे दिए कुछ प्रमुख कॉलेजेस में मिल सकता है

  • KITI- पंचकुला
  • SGHITI- नई दिल्ली
  • RPITI- अलवर
  • BPITI- करनाल

आईटीआई का कोर्स कर के आप अपनी नौकरी प्राइवेट कंपनी ही नहीं अपितु सरकारी नौकरी की भी कोशिश कर सकते हैं।  how to become a software engineer without a degree भी संभव है।

अगर आप चाहें तो आईटीआई का कोर्स कर के आप पॉलीटेक्निक डिप्लोमा के सेकंड ईयर में प्रवेश पा सकते हैं।

  1. क्या बिना डिग्री के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं

how to become a software engineer without a degree का उत्तर आपको ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर में मिल गया होगा। बिना डिग्री के आप अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

भारत में कई ऐसे मध्यम वर्गीय परिवार हैं जो इंजीनियरिंग डिग्री की फीस का खर्चा वहन नहीं कर पाते हैं। इस समस्या का हल आईटीआई का कोर्स है। यह कोर्स करते ही आपकी नौकरी लगना पक्का है। पॉलीटेक्निक का कोर्स भी आप इंजीनियरिंग के मुकाबले कम खर्चे में कर सकते हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें के प्रश्न का उत्तर जानने के लिए नीचे दिए बिंदुओं को गौर से पढ़ें।

एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपमें ये कौशल होने चाहिए

  • बेसिक कंप्यूटर की जानकारी हो
  • प्रोब्लम सॉल्विंग कला हो
  • टेक्निकली सोचने की क्षमता हो
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में प्रवीणता हो
  • दो से अधिक कोडिंग भाषा की जानकारी हो
  • संसूचना कौशल यानी कम्युनिकेशन स्किल्स हो
  • सॉफ्टवेयर के साथ हार्डवेयर की भी अच्छी जानकारी हो
  • आईटी बिजनेस की समझ हो
  • नई तकनीकों के बारे में अद्यतन (अपडेटेड) हो

अंत मेंकोविड महामारी ने हमे एक चीज जरूर सीखा दी। दुनिया रुकती नहीं है, चलती रहती है।

कॉविड में एक व्यवसाय जो रुका नहीं वो था सॉफ्टवेयर इंजीनियर का। वर्क फ्रॉम होम जैसे सुनहरे मौके का फायदा सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सबसे ज्यादा रहा। भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी कोविड का असर इसलिए ही कम पड़ा। क्योंकि देश में उभरते आईटी इंडस्ट्री स्टार्टअप्स ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के व्यवसाय को रुकने नहीं दिया। एक सर्वे के मुताबिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी 2023 की उच्चतम वेतन देने वाले प्रोफेशन में से है।

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