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    बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत बेटियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा

    Sachkhandwasi Ranjit Singh sachkahoon

    गांव जमालपुर में बढ़ता जा रहा शरीरदानियों का कारवां..

    • प्रेमी रणजीत बने 5वें शरीरदानी

    सच कहूँ/सुरेन्द्र समैण, टोहाना। एक समय था जब मेडिकल रिसर्च के लिए मृत शरीर नहीं मिलते थे लेकिन डेरा सच्चा सौदा की मुहिम के बाद अब लगातार डेरा प्रेमी मरणोपरांत शरीरदान कर रहे है, जो मेडिकल क्षेत्र में शोध के लिए काम आ रहे है। इसी के चलते टोहाना ब्लॉक के गांव जमालपुर में डेरा प्रेमी रणजीत का मरणोपरांत शरीरदान किया गया है। जानकारी देते हुए टोहाना ब्लॉक भंगीदास नरेन्द्र इन्सां ने बताया कि अकेले गांव जमालपुर से यह 5वां शरीरदान है। इससे पहले गांव से ही 4 डेरा प्रेमियों का शरीरदान हो चुका है।

    सचखंडवासी रणजीत सिंह के बेटे मास्टर सुरेश, कृष्ण व रमेश ने बताया कि उनके पिता ने शरीरदान के लिए फार्म भरा हुआ था व कहा था कि उनका मरणोपरांत शरीरदान करवाया जाए। इसी के चलते शुक्रवार को उनका मृत शरीर मेडिकल रिसर्च हेतू शरीरदान किया गया। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम(Son-Daughter a Similar Campaign) के तहत उनकी बेटी चांदतारी व मुख्यतारी ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान साध-संगत ने अरदास का भजन बोलकर व नारा लगाकर एम्बुलेंस को रवाना किया। इस अवसर पर गांव जमालपुर से भंगीदास सतबीर, रामप्रसाद, राजकुमार, सुरजा, रामनिवास, प्रकाश सैनी, बौधराज, अमरनाथ पुजारा, गुरचरण रत्ताखेड़ा, काका राम, दर्शन, विनोद मजोकां, राजू वर्मा व अन्य मौजूद थे।

    डेरा सच्चा सौदा दरबार से रामपाल इन्सां ने बताया कि आज के समय में शरीरदान करना कोई छोटी बात नहीं है। समाज में फैली भ्रान्तियों व अन्य कारणों से मेडिकल रिसर्च के लिए मृत शरीर नहीं मिलते थे लेकिन डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इस समस्या को हल करने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसमें डेरा प्रेमी लगातार मरणोपरांत शरीरदान कर रहे है। जिसके चलते अब मेडिकल रिसर्च के लिए मृत शरीरों की कमी नहीं है। अकेले गांव जमालपुर क्षेत्र से ये पांचवा शरीरदान है।

    बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत बेटियों ने दिया अर्थी को कांधा

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    सच कहूँ/तरसेम सिंह, जाखल। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी राजकुमार इन्सां पुत्र बनवारी लाल रेलवे रोड़ जाखल के आकस्मिक निधन हो गया। उनके परिवारजनों ने उनकी अंतिम इच्छा शरीरदान को ध्यान में रखते हुए डेरा श्रद्धालुओं से संपर्क किया। लेकिन किसी कारणवश उनका शरीरदान नहीं हो सका। लेकिन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की मुहिम बेटा-बेटी एक समान(Son-Daughter a Similar Campaign) के तहत उनकी अर्थी को कंधा उनकी बेटी पिंकी, रजनी, लक्ष्मी ने दिया।

    जानकारी देते हुए 15 मेंबर देवेंद्र कक्कड़ ने बताया की रेलवे रोड निवासी विद्या रानी के पति राजकुमार अपनी बीमारी के कारण शनिवार को सदा सदा के लिए परिवार को अलविदा कहते हुए मालिक की गोद में जा समाए। उनके निधन के पश्चात उनके बेटे भोला इन्सां ने ब्लॉक जिम्मेदारों से उनके शरीरदान के लिए संपर्क किया। परंतु उनका शरीरदान नहीं हो पाया। इस अवसर पर ब्लॉक के 15 मेंबर, शहरी भंगीदास, गांव भंगीदास, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स के सेवादार बहन-भाई और उनके रिश्तेदार सगे संबंधी सहित मंडी के गणमान्य लोग अंतिम शव यात्रा में शामिल थे।

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