श्रीगगानगर सरकारी मेडिकल कॉलेज को सौ सीटों के पहले बैच को मंजूरी

श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। निमार्णाधीन श्रीगंगानगर सरकारी मेडिकल कॉलेज को नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने 100 सीटों के पहले बैच की स्वीकृति जारी कर दी। आज यह मंजूरी का पत्र आने के साथ ही कई वर्षों से इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने का सपना देख रहे श्रीगंगानगर जिले के ही नहीं नजदीकी पंजाब और हरियाणा के लाखों लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। मेडिकल कॉलेज का निर्माण भाजपा और कांग्रेस की वोटों की राजनीति के चक्रव्यूह में कई वर्षों तक फंसा रहा।इसका शिलान्यास अशोक गहलोत ने अपने पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान वर्ष 2013 में किया था। इसके बाद वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार में इस पर कोई काम नहीं हुआ। श्री गहलोत के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लगभग 2 वर्ष बाद इस प्रोजेक्ट पर मई 2021 में कार्य शुरू हुआ। इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा देश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की वृहद परियोजना के तहत हो रहा है। लगभग 330 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है। हाल ही आयोजित नीट परीक्षा का परिणाम आने के साथ ही मेडिकल कॉलेज में पहले बैच के लिए विद्यार्थियों का प्रवेश शुरू हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि नीट का परिणाम सितंबर के प्रथम सप्ताह में आएगा और काउंसलिंग प्रक्रिया के पश्चात इस मेडिकल कॉलेज में अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में प्रवेश लेने वाले 100 विद्यार्थियों की चिकित्सा शिक्षा की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पहले बैच को मंजूरी मिलने पर आज दोपहर इसी निमार्णाधीन मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में निर्माण करवा रही राज्य सरकार की एजेंसी आरएस आरडीसी के डॉ डीके सिंगल, मेडिकल कॉलेज के हैड डॉ जेपी चौधरी, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट नोडल अधिकारी डॉ. कीर्ति शेखावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनमोहन गुप्ता,जिला अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल आॅफिसर डॉ. बीएस चौहान और डॉ. प्रेम बजाज आदि अधिकारियों ने बताया कि पहले बैच के लिए तमाम तरह की व्यवस्थाएं काफी समय पहले पूरी कर ली गई थीं।

बनेगा 240 बिस्तर का नया हॉस्पिटल

अधिकारियों ने बताया कि पहले बैच के लिए कुल मिलाकर इस मेडिकल कॉलेज में लगभग 900 कर्मियों के स्टाफ की नियुक्ति होगी। इनमें वार्ड ब्वाय तक शामिल हैं। जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ेंगे और बैच की संख्या में इजाफा होगा उसी के अनुरूप एनएमसी की गाइडलाइन के मुताबिक स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया चलती रहेगी। 4 वर्ष के एमबीबीएस मेडिकल कोर्स के अंतिम वर्ष का बैच शुरू होने तक इस मेडिकल कॉलेज में बड़ी संख्या में चिकित्सा शिक्षा के प्रोफेसरों, असिस्टेंट प्रोफेसरों तथा अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति भी चलती रहेगी। फिलहाल 25 का स्टाफ बीकानेर के मेडिकल कॉलेज से भी यहां लगाया गया है। इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के साथ ही सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा सेवाएं भी यहां के लोगों को मिलने लगेंगी। सीटी स्कैन, एमआरआई, न्यूरो और यूरोलॉजी संबंधी अनेक डिपार्टमेंट खुलेंगे। अलग से ओपीडी का निर्माण भी होगा। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 77 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का इसी कैंपस में हॉस्पिटल भी बन रहा है। इसके पूर्ण होने से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के इस हॉस्पिटल में कुल मिलाकर बिस्तरों की संख्या 650 हो जाएगी। यह संख्या एनएमसी की गाइडलाइन के लिहाज से बिल्कुल सही है। मेडिकल कॉलेज कैंपस में लड़के और लड़कियों के लिए हॉस्टल भी बनकर तैयार हो गए हैं।

सीटों का कोटा और फीस

मेडिकल कॉलेज के हेड आॅफ डिपार्टमेंट डॉ जे पी चौधरी ने बताया कि कुल 100 सीटों में से 15 सीटें आप्रवासी भारतीयों के लिए आरक्षित रहेंगी। 15 सीटों पर नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर ने वाले विद्यार्थियों को एनएमसी की गाइडलाइन के मुताबिक प्रवेश मिलेगा। शेष 70 सीटों में से 35 सीटें सरकारी कोटे की और 35 सीटें मैनेजमेंट कोटे की होंगी। एनआरआई के लिए प्रतिवर्ष फीस एक लाख डालर होगी। नीट वरीयता वाले विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लगभग 50 हजार प्रति वर्ष फीस देनी होगी। इसी प्रकार सरकारी कोटे के 35 विद्यार्थियों को भी करीब 50 हजार रुपए सालाना फीस देनी होगी। मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख रु. प्रति वर्ष इस के रूप में चुकाने होंगे।

विधायक राजकुमार गौड़ ने जताया आभार

प्रेस वार्ता में विधायक राजकुमार गौड़ ने पहले बैच के लिए मंजूरी मिलने पर केंद्र सरकार, क्षेत्र के भाजपा सांसद सांसद निहालचंद मेघवाल, एनएमसी और प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार का आभार जताते हुए बेहद प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रयास किए जाएंगे की अगले सत्र में इस मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़कर 150 हो जाए। पहला बैच शुरू होने से शहर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने बताया की गौतमबुद्धनगर आवासीय योजना के पास सरकारी डिग्री नर्सिंग कॉलेज बनाने के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। इसके लिए 25 करोड का बजट प्रदेश सरकार ने जारी किया है। वर्ष 2021-22 के दौरान राज्य सरकार ने श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए 37 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इनमें सात करोड़ शहर की सड़कों पर, 10 करोड़ गौतमबुद्धनगर आवासीय योजना की सड़कों पर, 10 करोड़ रुपए ग्रामीण क्षेत्र की संपर्क सड़कों के लिए और 10 करोड़ सूरतगढ़-हनुमानगढ़ बायपास को फोरलेन करने पर खर्च किए जाएंगे।

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