Afghanistan-Pakistan Conflict: काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी सीमा तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र ने चार दिनों में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। 26 फरवरी से 1 मार्च के मध्य हुई झड़पों और हवाई हमलों में 34 लोगों के मारे जाने तथा 89 अन्य के घायल होने की पुष्टि की गई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने प्रेस वार्ता में बताया कि United Nations Assistance Mission in Afghanistan (यूएनएएमए) घटनाओं का दस्तावेजीकरण कर रहा है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आंकड़े प्रारंभिक हैं तथा जांच के बाद इनमें परिवर्तन संभव है। Pakistan News
अफगान शरणार्थियों की स्थिति चिंताजनक
दुजारिक के अनुसार संघर्ष के कारण मानवीय सहायता एजेंसियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में राहत पहुंचाने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से पाकिस्तान से लौटाए गए अफगान शरणार्थियों की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। संयुक्त राष्ट्र ने आशंका जताई है कि आगामी दिनों में शरण लेने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। डूरंड रेखा पर पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई की घटनाएँ सामने आई हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसने सीमा के निकट स्थित कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं पाकिस्तान की ओर से भी हवाई हमलों और सैन्य अभियान की सूचना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार से हमले और उग्रवादी समूहों को समर्थन देने के आरोप लगा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचता है तो इसका प्रभाव न केवल सीमावर्ती आबादी, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने का आग्रह किया है। Pakistan News















