हमसे जुड़े

Follow us

19.7 C
Chandigarh
Saturday, February 28, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा सिटी बैंक में...

    सिटी बैंक में 400 करोड़ के घोटाले का भगोड़ा मुख्य आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

    The fugitive main accused in the 400 crore scam in Citibank climbed up police

    जमानत मिलने के बाद अदालत में नहीं हुआ था पेश (Scam of 400 Crores)

    • जमानत पर बाहर आने के बाद भी लोगों के साथ की ठगी
    • देहरादून से आरोपी को किया गया है गिरफ्तार

    सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में वर्ष 2010 में चर्चित रहे (Scam of 400 Crores) 400 करोड़ के सिटी बैंक घोटाले में भगोड़ा घोषित किए जा चुके मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में गुरुग्राम पुलिस ने फिर से सफलता हासिल की है। यह आरोपी उस समय गिरफ्तार जरूर किया गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से पेश नहीं हुआ। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध प्रीतपाल सांगवान ने सोमवार को बताया कि जमानत पर आने के बाद भी लोगों को अच्छा रिटर्न दिलाने के नाम पर इस आरोपी ने ठगी की कई वारदातों को अंजाम दिया।

    डीएलएफ क्षेत्र स्थित सिटी बैंक में हुआ था घोटाला

    बता दें कि वर्ष 2010 में गुरुग्राम के डीएलएफ क्षेत्र स्थित सिटी बैंक में 400 करोड़ का घोटाला हुआ था। इसमें सीधे तौर पर गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-5 के रहने वाले एवं बैंक के अधिकारी शिवराजपुरी पुत्र रघुराजपुरी के खिलाफ डीएलएफ फेज-2 थाना में केस दर्ज करके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उसने फर्जी कागजों के आधार पर 400 करोड़ की भारी-भरकम रकम अन्य निजी बैंकों में ट्रांसफर की थी। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान शिवराजपुरी के खिलाफ पुख्ता सबूत व गवाह अदालत में पेश किए। अदालत ने पुलिस के सबूतों के आधार पर आरोपी शिवराजपुरी को जेल भेजा। जेल में करीब ढाई साल रहने के बाद वह अदालत से मिली जमानत पर जेल से बाहर आया। बाहर आने के बाद भी शिवराजपुरी ने लोगों के साथ ठगी करनी शुरू कर दी।

    उसने लोगों को अच्छा रिटर्न दिलाने के नाम पर उनके पैसे इंवेस्टमेंट करने का प्रलोभन दिया। इस बार भी उसने करोड़ों की धोखाधड़ी लोगों के साथ की। इस पर भी उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के 3 केस दर्ज हुए। जिनमें से दो में वह भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। पुलिस ने उसकी खूब तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। आखिरकार वर्ष 2018 में पुलिस ने अदालत में अपना पक्ष रखा। अदालत की ओर से शिवराजपुरी को भगोड़ा घोषित कर दिया गया।

    उत्तराखंड के देहरादून से किया गिरफ्तार

    प्रीतपाल सांगवान के अनुसार आरोपी की धरपकड़ को पुलिस लगातार प्रयासरत थी, लेकिन वह बहुत ही जाल-साज प्रवृति का व्यक्ति है। पुलिस की आंखों से वह ओझल ही रहा। अब 13 नवम्बर 2020 को गुरुग्राम सिकंदरपुर अपराध शाखा पुलिस ने गुप्त सूत्रों की सहायता से आरोपी शिवराजपुरी को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया गया है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।