Indian Army Rescue Mission: नई दिल्ली। वर्ष 2025 के दौरान Indian Army ने देश के 10 राज्यों में 80 से अधिक स्थानों पर कुल 141 टुकड़ियों की तैनाती की। इन अभियानों का उद्देश्य युद्धक कार्रवाई नहीं, बल्कि आपदा राहत, बचाव और नागरिक सहायता था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन प्रयासों से 28,293 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 7,318 नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही 2,617 प्रभावित व्यक्तियों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई गई। Indian Army News
भारतीय सेना ने संकट की घड़ी में न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। मार्च 2025 में म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत सरकार ने Operation Brahma आरंभ किया। इसके अंतर्गत सेना की टुकड़ियों ने प्रभावित क्षेत्रों में 60 शैय्याओं वाले अस्थायी अस्पताल स्थापित किए। दो सप्ताह के भीतर 2,500 से अधिक घायलों और प्रभावितों का उपचार किया गया। सरकारी जानकारी के अनुसार, छह विमानों और Indian Navy के पांच पोतों के माध्यम से लगभग 750 मीट्रिक टन राहत सामग्री म्यांमार पहुंचाई गई।
Operation Sagar Bandhu: 2,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
इसी प्रकार, श्रीलंका में चक्रवात के बाद संपर्क व्यवस्था बाधित होने पर भारत ने Operation Sagar Bandhu संचालित किया। इस अभियान के अंतर्गत 2,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तथा 1,058 टन राहत सामग्री वितरित की गई। Indian Air Force ने 264 लोगों—जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे—को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। Indian Army News
केंद्र सरकार का कहना है कि मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता का अभिन्न अंग हैं। जब भी प्राकृतिक आपदाओं के कारण नागरिक व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं, तब सशस्त्र बल त्वरित, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं।
सेना जहां राहत दलों की तैनाती, अस्थायी अस्पतालों की स्थापना और बुनियादी ढांचे की बहाली में अग्रणी भूमिका निभाती है, वहीं नौसेना समुद्री मार्ग से राहत सामग्री और नागरिकों की निकासी सुनिश्चित करती है। वायुसेना रणनीतिक हवाई सहायता, चिकित्सा दलों की आवाजाही और बचाव अभियानों के संचालन में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है। इन समन्वित प्रयासों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारतीय सशस्त्र बल न केवल सीमाओं की सुरक्षा में बल्कि मानवीय सहायता के क्षेत्र में भी प्रथम प्रतिक्रिया बल के रूप में सशक्त भूमिका निभा रहे हैं। Indian Army News















