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Saturday, February 7, 2026
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    हिंदू समाज के मजबूत होने से ही राष्ट्र होगा मजबूत : मोहन भागवत

    Mohan Bhagwat

    आज 5 प्रदेशों के प्रमुख संतों से विचार-विमर्श करेंगें संघ प्रमुख (Mohan Bhagwat)

    कुरुक्षेत्र (सच कहूँ, देवीलाल बारना)। हिंदू समाज के मजबूत होने से ही राष्ट्र मजबूत होगा। प्रत्येक स्वयं सेवक को हिंदू समाज को संगठित करने के लिए कार्य करना चाहिए, यह उद्गार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जिले भर से आए स्वयं सेवकों को गीता निकेतन आवासीय प्रांगण में स्थित हाल में संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संघ के सूत्रों के अनुसार इस कार्यक्रम में जिला से लगभग 300 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम से मीडिया को दूर रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि जिन स्वयं सेवकों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। उनके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति पर भी नही मार सकता था।

    • प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहन भागवत ने अपने उद्बोधन में कहा
    • प्रत्येक स्वयं सेवक को प्रतिदिन शाखा में जाना चाहिए और नियमित रूप से प्रार्थना करनी चाहिए।
    •  संघ के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या को तीन भागों में बांटे।
    • 8 घंटे अपने कारोबार के लिए, 8 घंटे परिवार के लिए और 8 घ्ांटे समाज के लिए निर्धारित किए जाने चाहिए।
    • समाज के लिए निर्धारित 8 घंटे की अवधी में संघ के विस्तार के लिए अधिक से अधिक समय दें
    •  समाज के जो लोग अभाव की जिंदगी जी रहे हैं उनकी सहायता करें।
    • केवल इतना कमाएं जिससे आपके परिवार का भली-भांति गुजारा हो सके।

    हिंदू समाज को एक झंडे के नीचे एकत्रित होना चाहिए

    समाज के लिए कार्य करने से स्वयं सेवक की पहचान बनती है। संघ प्रमुख ने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों में हिंदू समाज को संगठित करने की जरूरत है। उन्होने स्पष्ट कहा कि हिंदू समाज के संगठित होने से ही देश मजबूत होगा क्योंकि हिंदू समाज के संगठित होने से ही देश मजबूत होगा। समाजिक समरसता पर बल देते हुए भागवत ने कहा कि जाति-पाति का भेद छोड़कर हिंदू समाज को एक झंडे के नीचे एकत्रित होना चाहिए। उन्होने कहा कि संघ विपरीत स्थितियों में भी कार्य करने में समर्थ है। उडीसा में संघ के कार्य को बढ़ाने के लिए जब पंजाब से प्रचारक भेजे गए तो उडीसा के लोग इन प्रचारकों को देखते ही अपने घर का दरवाजा बंद कर लेते थे लेकिन आज हालात ये हैं कि उडीसा में संघ का काम बडा ही प्रभावशाली हो गया है।

     

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