हमसे जुड़े

Follow us

28.3 C
Chandigarh
Wednesday, March 18, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा 1947 के बंटवा...

    1947 के बंटवारे का दर्द: जिंदगी भर की पूंजी छोड़ कर खाली हाथ पहुंचे थे हिन्दुस्तान

    Vidyavati sachkahoon

    सच कहूँ/सन्नी कथूरिया, पानीपत। 1947 के बंटवारे की वह भयानक दास्तां दैनिक सच कहूँ के संवाददाता से सांझा करते हुए 90 वर्षीय विद्यावती की आंखों में आंसू छलक गए। विद्यावती का कहना है कि आज भी वह समय याद करते हैं तो मन में भय पैदा हो जाता है। उन्होंने बताया कि वह अपने माता-पिता और तीन भाइयों, तीन बहनों के साथ मुल्तान लगभग 40 किलोमीटर दूर मोहम्मद कोट में रहा करते थे। पिता का नाम काला राम और माता का नाम निक्की बाई था। विद्यावती बताती है कि जब बंटवारे का समय आया तो पूरे शहर में हाहाकार मच गया और हर एक के दिल में डर पैदा हो गया कि अब क्या होगा। जब वह रात के समय हिंदुस्तान के लिए निकले तो जो भी खाना साथ लिया था उसी के सहारे सारा सफर तय किया।

    जिंदगी भर की कमाई वहीं छोड़ दी

    90 वर्षीय माता ने बताया कि उनके पिता सुनार का काम करते थे। जब विभाजन का समय आया तो जिंदगी भर की पूंजी वहीं छोड़ कर आना पड़ा। जब तक हिंदुस्तान नहीं पहुंचे तब तक डर के साए में जीते रहे।

    पाकिस्तान से पहले पहुंचे पटियाला

    विद्यावती ने बताया कि पाकिस्तान से रेल के द्वारा वह पहले पंजाब के पटियाला पहुंचे। कुछ दिन वहां बिताने के बाद वह करनाल पहुंचे और उसके बाद पानीपत। जब हम सभी हिंदुस्तान पहुंचे तो राहत की सांस ली और ईश्वर का धन्यवाद किया कि सही सलामत हिंदुस्तान पहुंच गए।

    अब बहुत ही अच्छी जिंदगी जी रहे

    90 वर्षीय विद्यावती अब पानीपत में अपने चार लड़के, तीन लड़कियों और पोता-पोती के साथ सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं। विद्यावती का कहना है कि अब वह भूलकर भी वह भयानक मंजर याद नहीं करना चाहती।

    पोते ने बताई अपने दादा की कहानी

    विद्यावती के पोते नरेंद्र कुमार ने बताया कि जब शाम के समय अपने दादा-दादी के साथ समय व्यतीत करते थे तो उनके दादा ने बताया करते थे कि विभाजन के समय अपना सारा सोना-चांदी एक जमीन में दबा कर आ गए थे। विभाजन के समय जो मार पिटाई हुई वह दर्दनाक थी। किसी की बेटी को जिंदा जला दिया तो किसी का सर काट दिया गया। ऐसे में हमें ही पता है कि हम कैसे हिन्दुस्तान पहुंचे थे।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।