गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। Gurugram News: अपनी पत्नी के साथ रेप का झूठा केस दर्ज कराने के नाम पर ठगी और स्वास्थ्य विभाग का फर्जी डिप्टी डायरेक्टर बनकर ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने काबू किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने सोमवार को बताया कि आरोपी शिकायत वापस लेने के बदले पहले 7 लाख रुपये तथा फिर 16 लाख रुपये की मांग कर रहा था। पुलिस थाना सेक्टर-50 गुरुग्राम को एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि वह गुरुग्राम का स्थायी निवासी है तथा प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करता है। उसका कार्यालय सेक्टर-51 गुरुग्राम में है। वहां पर उसके मित्रों का आना-जाना रहता है। Gurugram News
वर्ष-2023 में टीनू निवासी गढ़ी हरसरू अपने पिता के इलाज के दौरान उसके कार्यालय में ठहरा करता था। टीनू के साथ उसका साथी के.के. उर्फ कृष्ण भी कार्यालय में आने-जाने लगा। एक दिन के.के. उर्फ कृष्ण ने अपना बैंक खाता सीज होने का बहाना बनाकर उससे 10 हजार रुपये मांगे तो उसने उसे रुपए दे दिए। इसके बाद के.के. उर्फ कृष्ण ने कभी गाड़ी सर्विस तो कभी अन्य बहानों से करीब छह लाख रुपये ले लिए। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने स्वयं को स्वास्थ्य विभाग का डिप्टी डायरेक्टर बताकर अपनी ऊंची पहुंच होने का दावा किया और रुपये देने से मना कर दिया। साथ ही उसने इसको धमकी दी कि वह कई महिलाओं को जानता है। उसे झूठे बलात्कार के मामले में फंसा देगा।
कार्यालय पहुंची महिला ने कहा, के.के कुछ भी कर सकता है | Gurugram News
पीड़ित ने बताया कि 12 अगस्त 2023 को एक महिला प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में पहुंची। उसने रुपये की मांग करते हुए धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए गए तो के.के. कुछ भी कर सकता है। प्रॉपटी डीलर ने धमकी देने वाली महिला का वीडियो भी बना लिया। 24 अक्तूबर 2025 को वह महिला और के.के. उर्फ कृष्ण द्वारा दोबारा महिला थाना में उसके व उसके मित्र के विरुद्ध बलात्कार की लिखित शिकायत दी गई।
इसके पश्चात टीनू निवासी गढ़ी हरसरू ने उसको बताया कि के.के. उर्फ कृष्ण शिकायत वापस लेने के बदले पहले 7लाख रुपये तथा अब 16 लाख रुपये की मांग कर रहा है। पुलिस ने 11 जनवरी 2026 को पंचकूला से आरोपी का काबू किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार जैलदार (उम्र-42 वर्ष) निवासी मनुवास, जिला नूंह के रूप में हुई।
गुरुग्राम व पंचकूला के सरकारी अस्पताल में रहा है कार्यरत
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह (आरोपी) एक सरकारी एमबीबीएस डॉक्टर है। वर्तमान में वह सस्पेंड चल रहा है। आरोपी ने यह भी बताया कि वह पंचकूला व गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल सेक्टर-10 गुरुग्राम में तैनात रह चुका है। शिकायतकर्ता से उसका रुपयों का लेन-देन था। उसने शिकायतकर्ता के रुपये वापस न देने तथा रुपये वसूलने के इरादे से अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसे झूठे बलात्कार के केस में फंसाने की साजिश रची।
उसकी पत्नी द्वारा महिला थाना में झूठी शिकायत दी गई, ताकि शिकायत बंद कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से मोटी रकम ऐंठी जा सके और उधार लिए हुए रुपये भी वापस ना देने पड़े। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया। Gurugram News
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