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    Share Market News: इस दिन शेयर मार्किट में आएगा उछाल! अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को दे दी खुशखबरी

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    Share Market News: इस दिन शेयर मार्किट में आएगा उछाल! अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को दे दी खुशखबरी

    Share Market News: एंकोरेज (अमेरिका) (वार्ता/शिन्हुआ)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अलास्का के एंकोरेज में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बहुत ही उपयोगी बैठक हुई लेकिन शिखर सम्मेलन यूक्रेन संकट पर किसी समझौते के बिना समाप्त हो गया। दोनों राष्ट्रपतियों ने अमेरिकी राज्य अलास्का के सबसे अधिक आबादी वाले शहर एंकोरेज में संयुक्त बेस एल्मेंडोर्फ-रिचर्डसन में अपनी वार्ता समाप्त करने के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। ट्रम्प ने कहा कि वे कई बिंदुओं पर सहमत हुए हैं तथा उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने कुछ प्रगति की है हालांकि कोई समझौता नहीं हो पाया है। पुतिन ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा श्री ट्रम्प के साथ उनका समझौता यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

    मंच पर लगभग 10 मिनट तक एक-दूसरे के साथ खड़े होकर दोनों नेताओं ने संकेत दिया कि आमने-सामने की बातचीत में प्रगति हुई है लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है। पुतिन ने कहा कि वार्ता आपसी सम्मान के रचनात्मक माहौल में हुई और राष्ट्राध्यक्षों के बीच व्यक्तिगत बैठक लंबे समय से अपेक्षित थी। श्री पुतिन ने कहा कि जो कुछ भी हो रहा है वह हमारे लिए एक त्रासदी और एक भयानक घाव है और रूस इसे समाप्त करने में ईमानदारी से दिलचस्पी रखता है।

    उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संघर्ष के प्राथमिक कारणों को को समाप्त करने की कोशिश की जानी चाहिए तथा यूक्रेन एवं यूरोपीय देशों को चेतावनी दी कि वे कार्यों में बाधा न डालें। पुतिन ने आशा व्यक्त किया कि यह बैठक न केवल यूक्रेनी मुद्दे के समाधान के लिए एक शुरूआत होगी बल्कि रूस और अमेरिका के बीच व्यावसायिक और व्यावहारिक संबंधों की पुन: प्राप्ति में भी सहायक होगी। उन्होंने कहा कि निवेश और व्यापार में रूस-अमेरिका सहयोग की अपार संभावनाएं हैं क्योंकि दोनों देश व्यापार, डिजिटल, उच्च तकनीक और अंतरिक्ष अन्वेषण में एक-दूसरे को बहुत कुछ दे सकते हैं।

    राष्ट्रपति ट्रम्प ने वार्ता को अत्यंत उत्पादक बताया और कहा कि बड़ी प्रगति हुई है। ट्रम्प ने कहा कि कई बिंदुओं पर सहमति बनी है और वहां पहुंचने की बहुत अच्छी संभावना है। श्री ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बात करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को युक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ट्रंप-पुतिन की मुलाकात त्रिपक्षीय वार्ता का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और 2021 के बाद से दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन किया लेकिन पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। दोनों नेता अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गए और यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि बैठक में किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा हुई या नहीं।

    इससे पहले दोनों नेता उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ अपनी महत्वपूर्ण बैठक के लिए अलास्का पहुंचे। राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनके विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव, वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव और विदेशी निवेश एवं आर्थिक सहयोग पर विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव शामिल थे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और शांति मिशन के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने वार्ता से पहले कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए यथासंभव सकारात्मक रूप से काम करने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने कहा, ‘में अमेरिका से एक मजबूत रुख की उम्मीद है। सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि रूस अमेरिकी ताकत को कितना महत्व देता है। रूस को युद्ध समाप्त करना होगा। हत्याएं बंद होनी चाहिए। नेताओं की एक बैठक जरूरी है कम से कम यूक्रेन, अमेरिका और रूसी पक्ष की और इसी तरह के प्रारूप में प्रभावी निर्णय संभव हैं। सुरक्षा की गारंटी जरूरी है। स्थायी शांति बहुत आवश्यक है।

    अमेरिका के राष्ट्रपति ने दी खुशखबरी

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत पर 27 अगस्त से लागू होने वाले 25% सेकेंड्री टैरिफ को लेकर वह अंतिम फैसला अभी टाल सकते हैं। यानि ट्रंप ने भारत के खिलाफ जो 25 प्रतिशत का टैरिफ रूसी तेल खरीदने को लेकर लगाया है, उसे हटाया जा सकता है। यह टैरिफ रूस से सस्ते तेल की खरीदारी को लेकर अमेरिका की ओर से भारत पर दबाव बनाने का हिस्सा माना जा रहा था। डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि “उन्होंने (रूस) अपना बड़ा ग्राहक भारत खो दिया है, जो लगभग 40% तेल ले रहा था, और चीन भी काफी मात्रा में ले रहा है। अगर मैंने सेकेंडरी टैरिफ लगाया तो यह बेहद विनाशकारी होगा। अगर जरूरत हुई तो मैं लगाऊंगा, लेकिन शायद इसकी जरूरत न पड़े।” डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि शेयर मार्किट में उछाल आएगा।