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Sunday, March 1, 2026
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    Supreme Court Firecracker: सुप्रीम कोर्ट का दिवाली पर पटाखों पर रोक को लेकर आया ये फैसला!

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    Supreme Court

    नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिवाली के अवसर पर पटाखों के उपयोग को लेकर चल रहे विवाद पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने यह संकेत दिया कि अदालत इस पर जल्द ही निर्णय सुनाएगी कि क्या ‘ग्रीन पटाखों’ को सीमित अवधि के लिए अनुमति दी जा सकती है। Supreme Court Firecracker News

    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि फिलहाल इस विषय पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया जा रहा है, किंतु परीक्षण के तौर पर कुछ समय के लिए अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति, यदि दी गई, तो केवल निर्धारित समयावधि तक सीमित होगी ताकि प्रदूषण के स्तर पर इसका प्रभाव परखा जा सके। भारत सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अपील की कि दिवाली के दिन शाम 8 बजे से रात 10 बजे तक ग्रीन पटाखों के सीमित उपयोग की अनुमति दी जाए। उन्होंने साथ ही यह भी सुझाव दिया कि क्रिसमस और नए वर्ष की पूर्व संध्या पर लगभग 45 मिनट की अवधि तथा गुरुपर्व के अवसर पर एक घंटे की छूट दी जा सकती है।

    NEERI समय-समय पर ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री की निगरानी करेंगे

    मेहता ने कहा कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) तथा राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) समय-समय पर ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री की निगरानी करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि केवल स्वीकृत फॉर्मूले वाले पटाखे ही बाजार में उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि इन पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं के माध्यम से ही होनी चाहिए और किसी भी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए।

    इस बीच, न्यायालय की सहायक अधिवक्ता (Amicus Curiae) अपराजिता सिंह ने यह चिंता जताई कि बाजार में कई स्थानों पर “ग्रीन पटाखों” के नाम पर ऐसे उत्पाद बेचे जा रहे हैं जिनमें प्रदूषणकारी रसायनों का प्रयोग जारी है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह प्रश्न भी उठाया कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में कोई सुधार हुआ है या नहीं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि प्रदूषण का स्तर लगभग समान बना रहा है, केवल कोविड-19 लॉकडाउन के समय में इसमें थोड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

    उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने गत 26 सितंबर को यह निर्देश दिया था कि ग्रीन पटाखों का निर्माण किया जा सकता है, परंतु उनकी बिक्री दिल्ली-एनसीआर में नहीं होगी। अब अदालत के आगामी निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि इस वर्ष दिवाली पर राजधानी क्षेत्र में आतिशबाज़ी की सीमित अनुमति दी जाएगी या पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा। Supreme Court Firecracker News