
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, परिवहन व्यवस्था ठप
- सरकारी बसें सड़कों से रही गायब, यात्रियों को निजी बसों पर निर्भर रहना पड़ा
होशियारपुर (सच कहूँ न्यूज)। Contract Workers Strike: पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही। सरकारी बसें सड़कों से नदारद होने के कारण यात्रियों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ा। महिला यात्रियों ने शिकायत की कि मुफ्त यात्रा सुविधा के अभाव में उन्हें निजी बसों में टिकट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं को गुरुवार देर रात और शुक्रवार सुबह पुलिस द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के बाद हड़ताल शुरू हुई थी। यूनियन ने किलोमीटर-आधारित बस योजना के खिलाफ और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी। Hoshiarpur News
पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने यूनियन अध्यक्ष रमिंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि उनकी ओर से कोई गलत काम या हिंसा नहीं हुई। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सभी हिरासत में लिए गए यूनियन सदस्यों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। साथ ही किलोमीटर-आधारित बस योजना को रद्द करने की मांग दोहराई।
सरकार और यूनियन आमने-सामने
परिवहन मंत्री द्वारा आंदोलन वापस लेने या बर्खास्तगी का सामना करने की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप सिंह ने कहा कि ऐसे बयान कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि होशियारपुर में चार संविदा कर्मचारियों—तीन कंडक्टर और एक ड्राइवर—को आंदोलन में भाग लेने के कारण निलंबित कर दिया गया है। धूरी में हुई घटना का जिक्र करते हुए, जिसमें एक एसएचओ घायल हुआ और यूनियन सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, सिंह ने दावा किया कि पुलिस का बयान मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि किसी भी यूनियन कार्यकर्ता ने न तो आग लगाई और न ही कोई आग लगाने वाली सामग्री रखी थी। उनका आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए ऐसी बातें गढ़ी जा रही हैं।
यूनियन नेताओं ने दी चेतावनी | Hoshiarpur News
सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की एकता को तोड़कर किलोमीटर-आधारित योजना लागू करना चाहती है, जबकि कर्मचारी अपनी आजीविका की सुरक्षा के लिए धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा, धरना दे रहे कर्मचारियों को निलंबित करना लोकतंत्र पर हमला है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, निलंबित कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने तथा किलोमीटर योजना समाप्त करने जैसी मांगें पूरी नहीं होतीं।
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