हमसे जुड़े

Follow us

19.7 C
Chandigarh
Saturday, February 28, 2026
More

    Immigration Reform: अमेरिका ग्रीन कार्ड प्रक्रिया और भी कठोर करने की तैयारी में, प्रतिबंधित देशों के लिए ग्रीन कार्ड लेना ‘मुश्किल’

    Trump tariff News
    Donald Trump

    Green Card Update: नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी आव्रजन नीति में बड़े परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हाल के संकेत बताते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन कानूनी आव्रजन की प्रक्रियाओं को अधिक कठोर बनाने की तैयारी में है। अमेरिकी प्रेस रिपोर्टों के अनुसार, नई नीति के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें यात्रा-प्रतिबंधित देशों से आने वाले व्यक्तियों के लिए ग्रीन कार्ड एवं अन्य आव्रजन सुविधाएँ प्राप्त करना पहले से कठिन हो सकता है। US News

    न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के प्रारूप दस्तावेज़ों में प्रस्तावित है कि अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएँ कि वे किसी भी आवेदन की समीक्षा करते समय आवेदक की राष्ट्रीयता को भी एक महत्वपूर्ण मूल्यांकन कारक मानें। यदि कोई व्यक्ति उन देशों से आता है, जिन पर यात्रा-प्रतिबंध लागू है, तो इसे उसके आवेदन के लिए नकारात्मक पहलू माना जाएगा।

    इन नए निर्देशों के प्रभाव से उन देशों के लिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करना कठिन हो सकता है, जिन्हें अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित सूची में रखा है। हालांकि, यह प्रस्तावित बदलाव अमेरिकी नागरिकता (नेचुरलाइज़ेशन) के आवेदनों पर लागू नहीं होगा। वर्तमान में USCIS किसी भी आवेदन पर निर्णय लेते समय आवेदक के चरित्र, पृष्ठभूमि, आपराधिक इतिहास और मानवीय परिस्थितियों जैसे बिंदुओं पर विचार करता है। US News

    नई नीति पर आधिकारिक घोषणा अभी लंबित है

    ज्ञात हो कि इस वर्ष जून में अमेरिका ने अफगानिस्तान, चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन सहित 12 देशों पर कड़ा यात्रा प्रतिबंध लगाया था। इसके अतिरिक्त बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला पर आंशिक प्रतिबंध लागू हैं, जिनके चलते इन देशों के नागरिकों को कुछ विशेष वीज़ा वर्गों और स्थायी प्रवेश की अनुमति नहीं है।

    नई नीति पर आधिकारिक घोषणा अभी लंबित है, लेकिन यदि इसे लागू किया जाता है, तो यह ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नियंत्रण रणनीति को और कठोर बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी नीति से नागरिक अधिकार संगठनों तथा न्यायालयों में नए कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। US News