हरियाणा की पावन धरती पर मानवता की एक और मिसाल देखने को मिली
करनाल। हरियाणा की पावन धरती पर मानवता की एक और मिसाल उस समय देखने को मिली, जब डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने होली के रंगों को सेवा और करुणा के साथ जोड़ दिया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए करनाल ब्लॉक के रामनगर एरिया के सेवादारों ने इस बार होली को केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत का उत्सव बना दिया। होली का पर्व… जहां हर गली रंगों से सराबोर होती है, वहीं समाज का एक वर्ग ऐसा भी है, जिनके पास न रंग होते हैं, न खुशियां मनाने के साधन। Karnal News
ऐसे ही जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का संकल्प लेकर सेवादार मैदान में उतरे। सेवादारों ने मासूम बच्चों को होली के रंग, गुलाल और रंग-बिरंगे गुब्बारे वितरित किए। जैसे ही बच्चों के हाथों में रंगों की पुड़िया और गुब्बारे पहुंचे, उनकी आंखों में चमक और चेहरे पर खिलखिलाहट साफ झलक उठी। वह दृश्य किसी भी संवेदनशील हृदय को भावुक कर देने वाला था।
गरीब और असहाय लोगों को खाने-पीने का राशन वितरित किया गया
सेवा का असली रंग केवल बच्चों तक सिमित नहीं था , बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक भी सेवा का हाथ बढ़ाया गया। गरीब और असहाय लोगों को खाने-पीने का राशन वितरित किया गया, ताकि उनका भी त्योहार खुशियों से भर सके। आटे, चावल, दाल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री पाकर कई परिवारों की आंखें नम हो गईं। किसी मां ने दुआ दी, तो किसी बुजुर्ग ने हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया। वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए यह पल जीवन की अमूल्य याद बन गया।…. इस सेवा कार्य में दीपक इन्सां, नरेंद्र इन्सां, अमन इन्सां, प्रदीप इन्सां और लालचंद इन्सां ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
वहीं बहनों में सुनीता इन्सां, रानी इन्सां, भावना इन्सां, पायल इन्सां, गुरदीप इन्सां, गीता इन्सां, प्रियंका इन्सां और पुष्पा इन्सां ने भी तन-मन-धन से सेवा देकर यह साबित कर दिया कि जब नारी शक्ति आगे आती है, तो समाज में बदलाव की नई लहर दौड़ पड़ती है। आज जब कई जगह होली का मतलब केवल मौज-मस्ती और दिखावा बनकर रह गया है, वहीं इन सेवादारों ने यह संदेश दिया कि होली का असली रंग दूसरों के जीवन में खुशियां घोलने में है। सेवा, त्याग और मानवता के इन रंगों ने करनाल के रामनगर एरिया को सचमुच रंगीन बना दिया। यह केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा थी — कि यदि हर व्यक्ति अपने हिस्से की थोड़ी-सी खुशी किसी जरूरतमंद के साथ बांट ले, तो दुनिया सच में एक परिवार बन सकती है। Karnal News















