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    सरसा में नशे से युवाओं की स्थिति भयावह

    Drugs in Sirsa sachkahoon

    हेरोइन ने बनाया एचआइवी और हेपेटाइटिस पीड़ित

    सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा। जिले में नशे (Drugs in Sirsa) की स्थिति भयावह होती जा रही है। हेरोइन का नशा करने के आदी हो चुके युवाओं की हाथों पैरों की नसें खत्म हो चुकी है। एक ही सीरिंज का बार बार उपयोग करने से नशेड़ी एचआइवी एड्स, हेपेटाइटिस बी व सी जैसे रोगों के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में नशे का इलाज करवाने वाले पीड़ितों के आंकड़ें पर नजर डालें तो जिले में 58 लोग एचआइवी पाजिटिव है।

    इनमें से तीन पीड़ितों की उम्र 13 से 18 वर्ष है। इसके साथ ही 23 हेपेटाइटिस सी व दो हेपेटाइटिस बी से पीड़ित है। सरसा नागरिक अस्पताल में स्थित ओएसटी सेंटर में 898 मरीज जुड़े हैं। इनमें से 35 नशा पीड़ितों की मौत हो चुकी है। 59 लोग जिले को छोड़कर जा चुके हैं। 16 जेल में हैं। वर्तमान में 320 नशा पीड़ित नियमित रूप से दवा ले रहे हैं।

    पांच महीनों में मिले 23 हेपेटाइटिस सी व दो हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव

    नशा (Drugs in Sirsa) मुक्ति केंद्र में इलाज करवाने के लिए आने वाले नशा पीड़ितों में अनेक हेपेटाइटिस सी व बी पीड़ित मिल रहे हैं। वर्ष 2022 में अब तक 23 हेपेटाइटिस सी व दो हेपेटाइटिस बी के रोगी मिल चुके हैं।

    यूं बढ़ा आंकड़ा

    महीना               हेपेटाइटिस सी          हेपेटाइटिस बी

    जनवरी 2022          06                        01

    फरवरी 2022         09                         00

    मार्च 2022            03                         01

    अप्रैल 2022           05                        00

    मई 2020             00                         00

    अब तक कुल          23                          02

    छोटे बच्चों को शिकार बना रहे हैं नशा तस्कर

    हेरोइन तस्करी के धंधे से जुड़े लोग छोटी उम्र के बच्चों को भी नशे की लत लगा रहे हैं। नशे की लत लग जाने के बाद उनसे हेंडलर्स के रूप में काम लेते हैं। उनसे नशे की आपूर्ति करवाते हैं। नशा मुक्ति केंद्र में तीन नाबालिग एचआइवी पाजिटिव मिले हैं, जिनकी उम्र 13 से 18 वर्ष के बीच है। छोटी उम्र में नशे की आदत लगने वाले इन किशोरों का कहना है कि उनके संपर्क में अनेक किशोर है जो एक ही इंजेक्शन से टीके लगाते हैं।

    ‘‘नशे की चपेट में आने वाले युवा हेपेटाइटिस सी, बी तथा एचआइवी जैसे असाध्य रोगों के शिकार बन रहे हैं। नशे की पूर्ति करने वाले एक ही सीरिंज से इंजेक्शन लगा लेते हैं। नशा पीड़ितों में छोटी उम्र के बच्चे भी आ रहे हैं। तीन बच्चे भी एचआइवी पीड़ित मिले हैं।

    डॉ. पंकज शर्मा, प्रभारी नशा मुक्ति केंद्र, सरसा।

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