आपके भविष्य का ‘साथी’ बनेंगी ये सरकारी योजनाएं

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(Government Schemes)

अपनी गाढ़ी-कमाई के निवेश के लिए बहुत से विकल्प मौजूद हैं। निवेशकों के पास सरकार और सरकारी वित्तीय संस्थानों द्वारा आॅफर किए जाने वाले कई विकल्प मौजूद हैं। इनके जरिए बच्चों की शिक्षा, विवाह, रिटायरमेंट जैसे कई अहम लक्ष्यों को पूरा किया जा सकता है। निवेशक अपनी रिस्क प्रोफाइल के मुताबिक बचत विकल्पों में चुन सकते हैं। निवेशकों के बीच खासा पसंद की जाने वाली प्रमुख सरकारी निवेश योजनाओं में पीपीएफ, एनएससी, पोस्ट आॅफिस सेविंग्स अकाउंट, केवीपी इत्यादि शामिल हैं। इनमें से अधिकतर सरकारी बचत योजनाएं भरोसेमंद, कम रिस्क वाली और सुरक्षित हैं।

लंबे समय में बड़ी पूंजी तैयार करने के लिए इनमें से कुछ योजनाएं बहुत कारगर हैं क्योंकि इन पर मार्केट के उतार-चढ़ाव का फर्क नहीं पड़ता है। इसमें से कुछ बचत योजनाओं की ब्याज दरें लागत व महंगाई के मुताबिक तिमाही या छमाही आधार पर तय की जाती हैं। नीचे प्रमुख निवेश विकल्पों और उनके खास फीचर्स के बारे में जानकारी दी जा रही है।

1. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ):

  •  न्यूनतम 500 रुपये सालाना निवेश कर इसे शुरू किया जा सकता है।
  •  पीपीएफ में एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है।
  •  पीपीएफ में निवेश पर सालाना 7.1 फीसदी की दर से हर साल ब्याज कंपाउंड होता है।
  •  1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।

2. राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र:

  •  एनएससी के तहत न्यूनतम एक हजार रुपये का निवेश कर सकते हैं।
  •  अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
  •  निवेश पर सालाना 6.8 फीसदी की दर से सालाना ब्याज कंपाउंड होता है।
  •  1.5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर डिडक्शन को क्लेम किया जा सकता है।

3. पोस्ट आॅफिस सेविंग्स अकाउंट:

  •  कोई भी रेजिडेंट इंडिविजुअल न्यूनतम 500 रुपये से इसमें निवेश शुरू कर सकता है।
  •  इस खाते में निवेश के लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं तय की गई है।
  •  चार फीसदी सालाना की दर से ब्याज मिलता है।
  •  खाते में जमा रकम पर जो ब्याज मिलता है, वह टैक्स फ्री है।

4. पोस्ट आॅफिस टाइम डिपॉजिट: 

  •  न्यूनतम 100 रुपये का निवेश कर सकते हैं, अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं हैं।
  •  निवेश की गई राशि पर पहले तीन साल तक 5.5 फीसदी की दर से और 5 साल के डिपॉजिट टेन्योर पर 6.7 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।
  •  इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत डिपॉजिट पर पांच साल तक डिडक्शन का लाभ मिलता है।

5. पोस्ट आॅफिस रिकरिंग डिपॉजिट:

  •  न्यूनतम 100 रुपये का निवेश कर सकते हैं, अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं हैं।
  •  डिपॉजिट एकल या संयुक्त रूप से कर सकते हैं।
  •  5.8 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।
  •  ब्याज टैक्सेबल है और डिपॉजिट पर डिडक्शन भी नहीं मिलता है।

6. पोस्ट आॅफिस मंथली इनकम स्कीम (पीओएमआईएस):

  •  योजना के तहत न्यूनतम एक हजार रुपये और एकल खाते में अधिकतम 4.5 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 9 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।
  •  निवेश पर सालाना 6.6 फीसदी की दर से हर महीने ब्याज मिलता है।
    ब्याज पर टैक्स देनदारी बनती है डिपॉजिट्स पर भी डिडक्शन नहीं मिलता है।

7. किसान विकास पत्र: ( Government Schemes )

  •  इसके तहत कोई इंडिविजुअल न्यूनतम एक हजार रुपये का निवेश कर सकता है, अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
  •  निवेश पर 6.9 फीसदी सालाना की दर से ब्याज सालाना कंपाउंड होता है।
  •  ब्याज और मेच्योरिटी पर मिली राशि टैक्स एग्जेंप्टेड होती है।

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