हमसे जुड़े

Follow us

19.5 C
Chandigarh
Saturday, April 11, 2026
More

    डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु जी की ये पहल अब विदेशी भी अपना रहे

    शादी से पहले मेडिकल टेस्ट करवाना जरूरी

    Medical tests are mandatory before marriage: मस्कट (सच कहूँ न्यूज)। मानवता के भले के लिए डेरा सच्चा सौदा की विभिन्न पहलों को अब विदेशों में भी अपनाया जाने लगा है। हाल ही में ओमान सरकार ने शादी से पहले वर-वधु के लिए मेडिकल टेस्ट अनिवार्य कर दिया है ताकि आने वाली संतान स्वस्थ हो। Oman News

    गौरतलब है कि वर्ष 2003 से पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू की गई मुहिम स्वस्थ वंश परंपरा के तहत डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु युवक-युवतियां शादी से पहले थैलेसीमिया, एचआईवी सहित कई गंभीर बीमारियों के टेस्ट करवाते हैं। बता दें कि ओमान में शादी करने वाले वर-वधु के लिए 1 जनवरी 2026 से मेडिकल टेस्ट (प्रीमैरिटल मेडिकल एग्जामिनेशन) अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला सुल्तान हैथम बिन तारिक की ओर से जारी रॉयल डिक्री नंबर 111/2025 के तहत लागू हुआ। अब शादी फाइनल करने से पहले वर-वधु को यह टेस्ट पास करना जरूरी है, चाहे शादी ओमान के अंदर हो या बाहर। अगर एक पार्टनर गैर-ओमानी भी है तो भी यह नियम लागू होगा।
    क्यों लिया फैसला?

    नियम क्यों जरूरी | Oman News

    ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह नियम परिवारों की सेहत को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ियों को जेनेटिक बीमारियों से बचाने के लिए बनाया है। 2025 में सिर्फ 42-43 फीसदी लोग ही इसे करवा रहे थे, जिसके चलते यह टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया। माना जा रहा है कि अब ज्यादा से ज्यादा कपल्स यह जांच करवाएंगे।

    ओमान जैसी गल्फ कंट्रीज में कजिन मैरिज (चचेरे भाई-बहन की शादी) काफी कॉमन है। इससे आनुवंशिक बीमारियां ज्यादा फैलती हैं। यूएई में 2025 से जेनेटिक टेस्टिंग को शुरू किया गया, जहां 570 जीन की जांच होती है, जिनका कनेक्शन 840 से ज्यादा बीमारियों से होता है।

    इन बीमारियों की होती है जांच | Oman News

    • ओमान के इस नए नियम के तहत मुख्य रूप से दो तरह की जांच की जाती है।
      खून की जेनेटिक बीमारियां: सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया।
      इन बीमारियों के कैरियर (वाहक) होने का पता लगाया जाता है। अगर दोनों पार्टनर कैरियर निकले तो बच्चे में यह बीमारी गंभीर रूप से आ सकती है। ओमान में ये बीमारियां बेहद कॉमन हैं और आंकड़ों के मुताबिक जनसंख्या का 9.5 फीसदी हिस्सा इनसे प्रभावित है।
    • संक्रामक रोग: हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, एचआईवी/एड्स

    क्या कहते हैं विशेषज्ञ

    ओमान के स्वास्थय मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी डॉ. सईद बिन हारिब अल लामकी के मुताबिक, यह डिक्री पब्लिक हेल्थ को मजबूत करने और परिवारों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी कदम है। इससे आनुवंशिक और संक्रामक बीमारियां आने वाली पीढ़ियों तक नहीं पहुंचेंगी। Oman News