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    UGC NET 2024: इस बार नेट परीक्षा का होगा नया स्वरूप, रिजल्ट भी 3 कैटेगरी में होगा जारी!

    Matric Exam
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    हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। UGC NET 2024: हर वर्ष जून व दिसंबर में होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (National Eligibility Test) इस बार नए स्वरूप में होगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन व नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सर्कुलर भी जारी कर दिया है। इस बार राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा ऑनलाइन होने की बजाय पहले की तरह ओएमआर शीट पर ऑफलाइन तरीके से होगी। UGC NET 2024

    परिणाम प्रक्रिया में भी बदलाव, तीन कैटेगरी में जारी होगा परिणाम

    खास बात यह है कि अब तक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा का परीक्षा परिणाम दो ही कैटेगरी में घोषित किया जाता था। इस बार इस परीक्षा परिणाम में बदलाव करते हुए तीसरी कैटेगरी भी शामिल की गई है। पहली कैटेगरी में जूनियर रिसर्च फैलोशिप के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य होने का परिणाम जारी किया जाएगा। दूसरी कैटेगरी में सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। UGC NET 2024

    इसी प्रकार तीसरी कैटेगरी में सिर्फ पीएचडी में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एलिजिबल माने जाएंगे, हालांकि नेट परीक्षा के आधार पर पीएचडी में एडमिशन करना या नहीं करना संबंधित यूनिवर्सिटी पर ही निर्भर रहेगा। संबंधित यूनिवर्सिटी पीएचडी एडमिशन के लिए अपना अलग से एग्जाम भी कंडक्ट कर सकती है। जो यूनिवर्सिटी खुद का एग्जाम कंडक्ट नहीं करेगी, वह नेट की तीसरी कैटेगरी के आधार पर 70 फीसदी वेटेज देते हुए 30 प्रतिशत इंटरव्यू के मार्क्स के साथ संबंधित कैंडिडेट का पीएचडी में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। UGC NET 2024

    पीएचडी के लिए नहीं होगी संयुक्त परीक्षा

    नेट परीक्षा की तीसरी कटैगरी को शामिल करना यूनिवर्सिटीज को अलग-अलग पीएचडी परीक्षा आयोजित करवाने के झंझट से मुक्ति देना है। हालांकि इसे किसी भी सूरत में पीएचडी संयुक्त परीक्षा नहीं कहा जा सकता, क्योंकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी या यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन पीएचडी के लिए कभी भी संयुक्त परीक्षा का आयोजन नहीं करवाता। इस बार भी ऐसा नहीं होगा, यह मात्र अफवाह है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के नोटिफिकेशन को ना समझ पाने की वजह से इसे कैंडिडेट पीएचडी संयुक्त परीक्षा मान रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है।

    नेट परीक्षा में सिर्फ ये हुआ संशोधन

    महज इतना संशोधन किया गया है की नेट की परीक्षा की तीसरी कैटेगरी में योग्य माने जाने वाले कैंडिडेट का लिखित परीक्षा की 70 फीसदी वेटेज व इंटरव्यू की 30 फीसदी वेटेज के आधार पर कोई भी यूनिवर्सिटी पीएचडी में रजिस्ट्रेशन कर सकती है। कटैगरी 2 और 3 वाले आवेदकों की पोएचडी प्रवेश के लिए अंकों की वैधता सिर्फ 1 वर्ष की होगी, जबकि जूनियर रिसर्च फैलोशिप पहले की तरह 3 वर्ष रहेगी। इसी प्रकार नेट की पात्रता आजीवन वैध रहेगी।

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