हजारों अपात्र लोगों ने अपनी इच्छा से त्यागा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ

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हजारों अपात्र लोगों ने अपनी इच्छा से त्यागा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ

अब 28 फरवरी तक हटवा सकेंगे स्वेच्छा से नाम, नाम नहीं हटाने पर वसूली की कार्रवाई

Rajasthan Govt Scheme: हनुमानगढ़। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत अपात्र लोग अब 28 फरवरी तक इस योजना से स्वेच्छा से नाम हटवा सकते हैं। इस संबंध में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यदि इसके उपरांत भी अपात्र लोग अपना नाम नहीं हटाते हैं, तो उनसे वसूली की कार्रवाई की जाएगी। गिव अप अभियान के तहत अपात्र लोग स्वयं सामने आकर योजना से नाम वापस ले रहे हैं। जिले में अब तक 1 लाख 53 हजार 790 अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से इस अभियान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ त्याग किया है। वहीं 1 लाख 27 हजार नए पात्रों को खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल किया गया है। Hanumangarh News

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित प्रावधानानुसार गेहूं का वितरण किया जाता है। जिला रसद अधिकारी सुनील घोड़ेला ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत चयनित पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित मानकों के अनुसार गेहूं का वितरण किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गांे को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके। सरकार की मंशा है कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों तक पहुंचे, जो वास्तव में इसके पात्र हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 के अंतर्गत कुछ श्रेणियों के परिवारों को योजना के लिए अपात्र माना गया है।

जिले में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा

इनमें आयकर दाता परिवार, सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्त संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी या अधिकारी, एक लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार तथा ऐसे परिवार जिनके पास चार पहिया वाहन है (कृषि प्रयोजन में प्रयुक्त ट्रैक्टर को छोड़कर) शामिल हैं। जिला रसद अधिकारी घोड़ेला ने बताया कि उक्त अपात्र श्रेणी में आने वाले लाभार्थियों से स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ने के लिए गिव-अप अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अपात्र व्यक्तियों को योजना से बाहर कर वास्तविक जरूरतमंदों को अधिक प्रभावी रूप से योजना का लाभ उपलब्ध कराना है। अभियान की अवधि बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक लोग सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए स्वेच्छा से योजना से अपना नाम हटाने के लिए प्रेरित होंगे।

उन्होंने बताया कि गिव-अप अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उचित मूल्य दुकानों, पंचायत स्तर, शहरी वार्डांे तथा विभागीय कार्यालयों के माध्यम से आमजन को अभियान की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान के दौरान जिले में कार्यरत प्रवर्तन अधिकारियों एवं प्रवर्तन निरीक्षकों की ओर से एक-एक गांव में डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। उन्हें नोटिस थमाए जा रहे हैं। साथ ही अभियान की दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। जिला रसद अधिकारी ने जिले के सभी ऐसे लाभार्थियों से अपील की है जो निर्धारित मापदंडों के अनुसार अपात्र हैं, वे स्वयं आगे आकर खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ें, ताकि जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को पूरा लाभ समय पर मिल सके। Hanumangarh News