हमसे जुड़े

Follow us

22.5 C
Chandigarh
Friday, March 27, 2026
More
    Home चंडीगढ़ पर्ल केस में ...

    पर्ल केस में तीन भगौड़े आरोपियों को गुजरात से किया गिरफ्तार

    Sirsa News
    Sirsa News: सोलर पैनल लगाने का झांसा देकर ठगी का आरोपी काबू

    चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। पंजाब विजीलैंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) ने गुजरात पुलिस के सहयोग से पर्ल्स ऐग्रोटैक कॉपोर्रेशन लिमिटेड (पी.ए.सी.एल.) केस में वांछित तीन भगौड़े आरोपियों को अहमदाबाद से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों की पहचान हरकीरत सिंह निवासी गाँव शमशपुर जिला फतेहगढ़ साहिब, प्रभजोत सिंह निवासी गाँव गोनियाना कलाँ जिला बठिंडा और प्रदीप सिंह निवासी गाँव जलवेड़ा जिला फतेहगढ़ साहिब के रुप में हुई है। Chandigarh News

    जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त मुलजिम थाना शहरी जीरा, जिला फिरोजपुर में आइपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120-बी के अंतर्गत एफआईआर नंबर 79 तारीख 16-07-2020 में वांछित थे। इस केस में उक्त मुलजिमों पर गाँव घोलूमाजरा, जिला एस.ए.एस. नगर में पी.ए.सी.एल. की तरफ-अलग सम्पत्तियों का गैर-कानूनी तौर पर तबादला-ए-मलकीयत करने का दोष है। इनको इस बात का पूरा इल्म था कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पी.ए.सी.एल. को किसी भी ऐसी सम्पत्ति को बेचने/ तबादला-ए-मलकीयत करने पर रोक लगाई हुई है, जिसमें पी.ए.सी.एल. का किसी भी रुप में, कोई अधिकार या हित बनता है, परन्तु बावजूद इसके इन्होंने सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त/तबादला-ए-मलकीयत का कार्य जारी रखा।

    जिक्रयोग्य है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जस्टिस (सेवानिवृत्त) आर.एम. लोढा समिति का गठन किया गया था, जिसके अंतर्गत यह स्पष्ट हिदायत थी कि पी.ए.सी.एल. लिमिटेड की सम्पत्तियों को बेचने के बाद हुई बिक्री का प्रयोग, दोषी कंपनी द्वारा शुरु की गई सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) में अपनी मेहनत की कमाई लगाने वाले निवेशकों को उनकी बनती राशि वापिस करने के लिए किया जाए। Chandigarh News

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि मुलजिम हरकीरत सिंह पुलिस थाना पंजाब स्टेट क्राइम सेल में तारीख 21.02.2023 को दर्ज एक अन्य एफ.आई.आर. नंबर 01 के अधीन धारा 406, 420, 465, 467, 468, 471, 384, 120-बी आई.पी.सी. में भी वांछित था। इस केस में 01.01.2023 को हुई जनरल बॉडी की मीटिंग की फजऱ्ी कार्यवाही के आधार पर पीएसीएल के तीन डॉयरेक्टरों की गैर-कानूनी नियुक्ति और पीएसीएल की सम्पत्तियों से जुड़े व्यक्तियों/इकाईयों से पैसा वसूलने में उसकी भूमिका बताई जाती है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि उक्त तीनों मुलजिमों का राहदारी रिमांड ले लिया गया है और उनको पंजाब की सम्बन्धित अदालत में पेश किया जाएगा।

    इस केस में आगे की जांच जारी है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस सम्बन्ध में ब्यूरो द्वारा पहले ही पीएसीएल के मैनेजिंग डायरैक्टर निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर, गैर-कानूनी रुप से नियुक्त किए गए डॉयरेक्टरों में से एक धरमिन्दर सिंह संधू और पीएसीएल के गैर-कानूनी डॉयरेक्टरों की नियुक्ति से सम्बन्धित दस्तावेजों की पुष्टि करने वाले सी.ए. जसविन्दर सिंह डांग को इसी केस में गिरफ़्तार किया जा चुका है। Chandigarh News

    यह भी पढ़ें:– ndian Railways: 576 मीटर लंबा बनेगा अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here